विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया। संसद भवन से निर्वाचन सदन तक निकाले गए सांसदों के मार्च को पुलिस ने नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
नाटकीय घटनाक्रम के बीच दोपहर 12:20 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठे। इस दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए इसे देशद्रोह करार दिया। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
करीब आठ घंटे चले धरने के बाद रात 8 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, डेरेक ओब्रायन और मोहिबुल्ला नदवी समेत अन्य नेताओं को बलपूर्वक उठाया और बस में बैठाकर किंग्सवे कैम्प ले गई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 10 सांसदों समेत कुल 260 लोगों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, रात लगभग 10 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है और इसका हिसाब होगा, एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा।
लोकतंत्र के गद्दारो को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा – एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा। https://t.co/QbngN1p9y6
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 6, 2026
उधर, इस प्रदर्शन में शामिल न हो पाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सरकार पर करारा हमला बोला। जर्मनी के बर्लिन में चार महीने पहले तय एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कारण प्रदर्शन में न पहुंच पाने की बात स्पष्ट करते हुए थरूर ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी के साथ हाथापाई और उन्हें हिरासत में लेने की तस्वीरें देखकर वे बहुत परेशान हैं। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, और इस मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया बेहद शर्मनाक है।
Horrified to see the images from New Delhi of the LoP, @rahulgandhi, being manhandled and dragged off to detention. At a time when Indian democracy is being ravaged by the disenfranchisement of 130 million voters, to protest is to stand with every citizen whose constitutional rights are being violated. The government’s reaction is disgraceful. Because of a commitment made to a conference in Berlin four months ago, I can only express my solidarity from afar. But this 👍🏼is where my heart is. Justice will prevail!!
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 6, 2026
