तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को अंतरिम आदेश जारी किया है। आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों को आगामी विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के नाम और उसके मौजूदा चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक (फ्रीज) दिया है। इस फैसले पर ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आयोग के फैसले पर ऋतब्रत बनर्जी की प्रतिक्रिया
ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के निर्णय को एक अंतरिम फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि 23 जून से चुनाव आयोग को आवश्यक दस्तावेज सौंपे जा रहे थे और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आयोग ने यह अंतरिम आदेश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका गुट चुनाव आयोग के इस फैसले का पूरा सम्मान करेगा और इसका पालन करेगा। ऋतब्रत ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ फासीवाद और वंशवादी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है, और कोई भी राजनीतिक दल किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम नहीं कर सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस विवाद का समाधान जरूर निकलेगा।
उपचुनाव के लिए नए नाम और सिंबल का चयन
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इसके लिए चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक अपने-अपने गुट के लिए तीन-तीन नाम और आयोग की फ्री सिंबल लिस्ट से तीन-तीन चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा है।
ऋतब्रत ने जानकारी दी कि वे और चंद्रिमा भट्टाचार्य बैठक करके नए नाम और सिंबल के विकल्प आयोग को सौंपेंगे। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें इस पूरे मामले में कुछ पत्रकारों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।
