मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई वर्षों से जारी भीषण युद्ध को समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बड़ी प्रगति के संकेत मिल रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय ‘क्रेमलिन’ ने बयान जारी कर कहा है कि निकट भविष्य में यूक्रेन और अमेरिका के साथ शांति वार्ता पुनः शुरू हो सकती है। इससे पहले रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी इसी तरह की संभावना व्यक्त की थी। दोनों पक्षों की ओर से आए सकारात्मक बयानों के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि युद्ध विराम और शांति स्थापित करने के लिए जल्द ही औपचारिक वार्ता के कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है।
शांति स्थापना के प्रयासों के तहत अमेरिकी दूतों के क्षेत्र में चल रहे दौरों के बीच कीव और मॉस्को पर शुक्रवार-शनिवार की रात से हवाई हमले रुके हुए हैं। हालांकि, सीमावर्ती इलाकों में छिटपुट सैन्य गतिविधियां जारी हैं। रूस के पर्म क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा किए गए एक ड्रोन हमले में एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए।
उधर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि उनकी सेना ने रूस के भीतर स्थित दो प्रमुख तेल शोधक संयंत्रों (ऑयल रिफाइनरीज) के साथ-साथ ड्रोन गोदामों और उनके लॉन्चिंग ठिकानों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन की ओर से निशाना बनाए गए तेल शोधक कारखानों में से एक तातारस्तान प्रांत के पर्म क्षेत्र में स्थित है, जबकि दूसरा रियाजान इलाके में स्थित है।
एक तरफ जहां शांति वार्ता को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस और अमेरिका के बीच रणनीतिक तनाव भी देखने को मिल रहा है। अमेरिका द्वारा नॉर्वे को आधुनिक मिसाइल लॉन्चर सिस्टम भेजने के फैसले पर रूस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मॉस्को का तर्क है कि इस अत्याधुनिक लॉन्चर सिस्टम से टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी जा सकती हैं, जिनकी मारक क्षमता इतनी अधिक है कि वे सीधे रूसी राजधानी मॉस्को तक निशाना साध सकती हैं।
