मेरठ (उत्तर प्रदेश): चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद कैदी इन दिनों मई 2026 में शुरू हुए इंटरनल रेडियो स्टेशन ‘रेडियो परवाज’ के जरिए अपनी पसंद के संगीत का आनंद ले रहे हैं। इंडिया विजन फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित इस मॉडर्न रेडियो स्टेशन पर बंदी बैरक सिपाहियों के माध्यम से एक दिन पहले पर्ची देकर अपने पसंदीदा गीतों की फरमाइश करते हैं। सुबह और शाम दो-दो घंटे चलने वाले इस प्रसारण में 70, 80 और 90 के दशक के गानों की सबसे ज्यादा मांग आ रही है। जेल नियमावली के कारण एक-दूसरे से न मिल पाने वाले बंदी संगीत के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
मेरठ जेल में गंभीर अपराधों के आरोपी बंदी और महिलाएं ‘रेडियो परवाज’ पर प्यार और दर्द से भरे पुराने गानों की भारी डिमांड कर रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, बंदियों द्वारा ‘मेरे महबूब कयामत होगी’, ‘हम तेरे प्यार में सारा आलम खो बैठे’, ‘शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है’, ‘बेखुदी में सनम’ और ‘अंखियों के झरोखे से’ जैसे गीतों की सबसे ज्यादा फरमाइश भेजी जा रही है।
डॉक्टर किरण बेदी के इंडिया विजन फाउंडेशन द्वारा तैयार यह रेडियो स्टेशन काफी हाइटेक है। इसके इंटीरियर में गायकों और अभिनेताओं के पोस्टर लगाए गए हैं, जबकि तकनीकी व्यवस्था के तौर पर कंप्यूटर, मिक्सर, सारेगामा कारवां और हाईटेक स्पीकर्स मौजूद हैं। यदि कोई गाना सारेगामा कारवां पर उपलब्ध न हो, तो उसे इंटरनेट या यूट्यूब से बजाया जाता है। इस पूरे स्टेशन में आरजे (रेडियो जॉकी) की जिम्मेदारी भी एक बंदी ही संभाल रहा है।
रेडियो परवाज के माध्यम से बंदियों को अपने बैरक में लगे स्पीकर्स के जरिए गाना सुनने की सुविधा मिलती है। फरमाइश करते समय पहचान छिपाने के लिए केवल बैरक नंबर बताया जाता है। इसके अलावा, जो बंदी गाना गा सकते हैं, उन्हें माइक पर आकर अपनी आवाज में गाने की आजादी भी दी गई है।
मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, जेल में बंद 67 प्रतिशत लोग 30 साल से कम उम्र के हैं। इस रेडियो स्टेशन के शुरू होने से बंदियों का डिप्रेशन और आपस में होने वाले लड़ाई-झगड़े काफी कम हुए हैं। यहां तक कि नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती विचलित बंदी भी संगीत सुनकर अपना समय बिता रहे हैं।
गौरतलब है कि इसी मेरठ जेल में पति की हत्या कर शव नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल, पति को सांप से डसवाने का ड्रामा रचने वाली रविता व उसका प्रेमी अमरदीप, अपने बच्चे की हत्या करने वाली गुरप्रीत, और पति को सांप से कटवाकर मारने वाली दामिनी व उसका प्रेमी कैद हैं। वर्तमान में ऐसी पांच महिलाएं इस जेल में बंद हैं जिन्होंने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या की है। जेल नियमावली के तहत ये आपस में मिल नहीं सकते हैं, लेकिन अपनी फरमाइश के गीतों के जरिए एक-दूसरे तक अपनी भावनाएं पहुंचा रहे हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि सभी बंदियों की भावनाओं का ख्याल रखा जाता है और उनकी पसंद के गीत रेडियो स्टेशन से बजाए जाते हैं।
