झारखंड सरकार की ओर से टीडीपीएल के जरिए आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं के नतीजे रद्द करने के ऐलान के बाद रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी थी। माना जा रहा था कि अनशन समाप्त होने के साथ ही छात्रों का आंदोलन भी खत्म हो जाएगा, लेकिन अब ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। छात्र अब भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोशल मीडिया के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से मुंडा स्टेडियम पहुंचने की अपील की है। छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन स्थल से उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है और वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। छात्रों ने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल को खाली कराने की योजना बनाई जा रही है।
नोटिफिकेशन जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्रों ने साफ कर दिया है कि केवल परीक्षाओं के नतीजे रद्द किए जाने से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक परीक्षाएं रद्द किए जाने और सीबीआई जांच के संबंध में नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक वे प्रदर्शन स्थल से नहीं हटेंगे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने शांतिपूर्ण विरोध को अपना संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा है कि सीबीआई जांच की घोषणा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
📌धरना स्थल पर पहुंचिए, भारी संख्या में पुलिस लगाया जा रहा। खाली कराने का प्लान है।
— JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) August 17, 2026
रद्द और CBI जांच का नोटिफिकेशन आने तक हटना नहीं है। शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है।
नियुक्ति रद्द होने को बताया बड़ी जीत
छात्रों ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले को अपनी बड़ी जीत बताया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद भी किया।
हालांकि, छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। उनके मुताबिक भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की घोषणा जरूरी है। जब तक यह मांग स्वीकार नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने आंदोलन के लिए नया नारा भी दिया है— “एक लड़ाई जीती है, जंग अभी बाकी है।” इस तरह झारखंड में छात्रों का आंदोलन अब केवल नियुक्ति रद्द करने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पूरी जांच की मांग तक पहुंच गया है।
