उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपने पति की हत्या की आरोपी पत्नी ने अदालत के सामने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेशी के दौरान आरोपी महिला करीब 4 मिनट तक जज के सामने बिलख-बिलख कर रोती रही और पूरी वारदात का सच बयां किया। आगरा कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और महिला के इकबालिया बयान के बाद आरोपी रूबी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आगरा के अभियोजन अधिकारी बृजमोहन सिंह कुशवाहा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जब आरोपी महिला रूबी को अदालत में पेश किया गया, तो जज साहब के आते ही और घटना के बारे में पूछते ही वह पहले शांत रही और फिर फूट-फूट कर रोने लगी। करीब 3 से 4 मिनट तक कोर्ट रूम में रूबी की आंखों से आंसू बहते रहे। उसने नम आंखों से जज को बताया कि उसका किसी के साथ कोई अफेयर नहीं था और न ही वह किसी और को पसंद करती थी, बल्कि वह अपने पति सुरेंद्र शर्मा की प्रताड़ना से बुरी तरह टूट चुकी थी।
रूबी ने जज के सामने खुलासा किया कि उसका पति सुरेंद्र प्रतिदिन शराब पीकर घर आता था और उसके साथ बेरहमी से मारपीट और गाली-गलौज करता था। पति की इस रोज-रोज की आदत और घरेलू हिंसा से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। घटना वाली रात उसने गुस्से और हताशा में आकर पति के खाने में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दीं। जहरीले खाने और दवा के ओवरडोज के कारण सुरेंद्र शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।
अदालत में दिए बयान के मुताबिक, पति की मौत के बाद रूबी बुरी तरह घबरा गई और उसे पूरी रात नींद नहीं आई। वह रात भर शव को ठिकाने लगाने की योजना सोचती रही। उस वक्त घर का बाथरूम कच्चा था, इसलिए उसने गहरे खौफ के बीच बाथरूम में ही एक गड्ढा खोदा और पति के शव को उसमें डाल दिया। शव को पूरी तरह छुपाने के लिए उसने गड्ढे को मिट्टी और मलबे से बंद कर दिया ताकि किसी को भनक न लग सके।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि कोर्ट रूम में पूरी घटना का ब्यौरा देते समय रूबी बीच-बीच में काफी ज्यादा घबरा रही थी और रो रही थी। उसके हाव-भाव से साफ लग रहा था कि उसे अब अपनी इस खौफनाक गलती का गहरा अहसास हो रहा है। अदालत ने मामले की गंभीरता और शव को छुपाने के अपराध को देखते हुए रूबी को तुरंत 14 दिनों के लिए जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है, और पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और साक्ष्य जुटाने में लगी है।
