Tamil Nadu Political Crisis: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय थलापति को सरकार बने अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन राज्य में सियासी उठापटक तेज हो गई है। हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर टीवीके और डीएमके आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार (1 जुलाई) को दोनों दलों ने एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए।
इस बीच चेन्नई पुलिस ने कथित रूप से विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक यूट्यूबर और करूर के दो डीएमके पदाधिकारी शामिल हैं। यह कार्रवाई एन. एलैयाराजा की शिकायत के आधार पर की गई है, जो कृष्णगिरि जिले की उथंगराई विधानसभा सीट से टीवीके के विधायक हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी छोड़ने के लिए लगातार मनाने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यूट्यूबर आई.पी.डी.एस. थिरुनावुक्करसु ने उनसे बार-बार संपर्क किया और उन्हें धमकाने की कोशिश की। इसके बाद ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर थिरुनावुक्करसु को गिरफ्तार कर लिया।
सरकार में मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया है कि टीवीके विधायकों को लालच देकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि तीन टीवीके विधायकों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया और उन्हें 15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी।
पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के करीबी माने जाने वाले दो डीएमके पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामला और गरमा गया है। पुलिस इस कथित साजिश से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए आगे की जांच कर रही है।
उधर, डीएमके ने इस पूरे मामले को लेकर राज्यपाल आरवी अर्लेकर को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री थलापति विजय के खिलाफ जांच की मांग की है। पार्टी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि एमडीएमके प्रमुख वाइको ने यह स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दो विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी।
वहीं, तमिलनाडु बीजेपी ने भी टीवीके पर हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने टीवीके को अवसरवादी गठबंधन बताते हुए कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त में टीवीके की भूमिका रही है और यह एक भ्रष्ट गठबंधन है।
