बिहार का चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस घटना के आठवें दिन मामले में एक नया मोड़ आया जब भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मिस्टर राज खुद मृतक भरत तिवारी के घर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना और पूरी बात को समझा। इस कूटनीतिक और संवेदनशील मुलाकात के दौरान एसपी के साथ आरा सदर के एसडीपीओ-2 रंजीत सिंह, डीएसपी पंकज मिश्रा और पुलिस विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
जब पुलिस अधीक्षक परिजनों से मिले, तो पीड़ित परिवार ने अपना गहरा दर्द और व्यवस्था पर खड़े कई गंभीर सवाल उनके सामने रख दिए। मृतक भरत के भाई चंदन तिवारी ने एसपी से सीधा और तीखा सवाल पूछा कि जब भरत ने अपनी पिस्टल पहले ही फेंक दी थी, तो फिर उसे गोली क्यों मारी गई। भाई के इस गंभीर सवाल पर एसपी मिस्टर राज ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले के हर पहलू की बिल्कुल निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। हालांकि, चंदन तिवारी ने मीडिया से साफ कहा कि एसपी के इस आश्वासन के बाद भी उनका परिवार अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि परिवार की सिर्फ एक ही मांग है कि भरत की मौत के लिए जो भी लोग दोषी हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिले और उनके परिवार को न्याय मिले।
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी पुलिस अधीक्षक से विस्तार से बात की। उन्होंने मांग की कि इस पूरे एनकाउंटर मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए और इसके साथ ही उनके पूरे परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इस मांग पर एसपी ने आशा देवी को आश्वस्त किया कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और पूरे परिवार की सुरक्षा का भी पुख्ता ध्यान रखा जाएगा। इस पर आशा देवी ने उम्मीद जताई कि उन्हें एसपी पर भरोसा है कि वे सही दिशा में जांच करवाएंगे और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस उच्चस्तरीय मुलाकात में भरत तिवारी की बड़ी भाभी ने भी अपनी बात रखते हुए बताया कि एसपी ने उनके परिवार की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने का लिखित व मौखिक वादा किया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि एसपी के कुशल नेतृत्व में इस मामले की जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी। इस बेहद संवेदनशील मुलाकात के बाद जब वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने जांच की प्रगति और इस बातचीत को लेकर एसपी मिस्टर राज से सवाल पूछना चाहा, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया और बिना कोई आधिकारिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए।
