नई दिल्ली: वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेंशन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए निर्देशों के तहत अब कोई भी बैंक किसी सरकारी पेंशनधारक के खाते से अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली बिना पूर्व सूचना के नहीं कर सकेगा।
रिटायरमेंट के बाद अधिकांश वरिष्ठ नागरिक अपनी मासिक पेंशन पर निर्भर रहते हैं। दवाइयों से लेकर रोजमर्रा के खर्चों तक, उनकी वित्तीय जरूरतें इसी आय से पूरी होती हैं। ऐसे में कई बार तकनीकी कारणों से बैंक पेंशन खाते में निर्धारित राशि से अधिक धनराशि जमा कर देते हैं और बाद में बिना पूर्व सूचना के एकमुश्त कटौती कर लेते हैं। इससे पेंशनधारकों को आर्थिक योजना बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए RBI ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बैंक को लगता है कि किसी पेंशनधारक के खाते में अतिरिक्त राशि जमा हो गई है, तो वसूली से पहले संबंधित व्यक्ति को अग्रिम नोटिस देना अनिवार्य होगा।
नए नियमों के अनुसार केवल नोटिस भेजना ही पर्याप्त नहीं होगा। बैंक को यह भी बताना होगा कि अतिरिक्त भुगतान कब और किस कारण से हुआ। साथ ही बैंक को पूरी गणना का विवरण उपलब्ध कराना होगा, ताकि पेंशनधारक यह समझ सकें कि अतिरिक्त भुगतान का दावा किस आधार पर किया जा रहा है।
इसके अलावा, बैंक को वसूली की पूरी प्रक्रिया और समय-सीमा की जानकारी भी देनी होगी। यानी बैंक को यह स्पष्ट करना होगा कि अतिरिक्त राशि की रिकवरी कब से शुरू होगी और कितनी अवधि में पूरी की जाएगी। इससे पेंशनधारक अपने खाते और मासिक खर्चों की बेहतर योजना बना सकेंगे।
अब तक कई मामलों में पेंशनधारकों को खाते से हुई कटौती की जानकारी तत्काल नहीं मिलती थी। बाद में पासबुक या बैंक स्टेटमेंट देखने पर पता चलता था कि बैंक ने एक साथ बड़ी राशि काट ली है। ऐसे में RBI के इस फैसले को वरिष्ठ नागरिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस नए प्रावधान से न केवल बैंकों की मनमानी पर रोक लगेगी, बल्कि पेंशनधारकों को भी बैंक द्वारा दी गई जानकारी की जांच और सत्यापन करने का अवसर मिलेगा। इससे पेंशन भुगतान और रिकवरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
