देश के सात करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और श्रम मंत्रालय की ओर से एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी आई है। आपातकालीन स्थिति या जरूरत के समय अपने ही पीएफ के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और हफ्तों इंतजार करने का दौर अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है।
सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘EPFO 3.0’ के तहत अब कर्मचारी बिना किसी कागजी झंझट के बेहद आसानी से यूपीआई और एटीएम के जरिए अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। श्रम मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस बेहद आधुनिक और एडवांस सिस्टम की सभी जरूरी टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही है।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस ऐतिहासिक डिजिटल बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नए एडवांस सिस्टम के सभी तकनीकी और सुरक्षा ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। सरकार बहुत जल्द इस क्रांतिकारी सुविधा को जमीन पर उतारने के लिए इसके आधिकारिक रोलआउट की तारीख और नए कड़े दिशानिर्देशों की घोषणा करेगी। इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद कर्मचारियों के पीएफ से जुड़े ज्यादातर क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से फटाफट क्लियर हो जाएंगे।
श्रम मंत्रालय के सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपीआई और एटीएम के जरिए सीधे पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने की यह अनूठी सुविधा इसी चालू महीने यानी जून के आखिर तक पूरी तरह लाइव की जा सकती है। इसके शुरू होते ही पीएफ खाताधारक यूपीआई ऐप्स या यूपीआई-इनेबल्ड एटीएम का उपयोग करके अपने कुल पीएफ बैलेंस का एक बड़ा हिस्सा तुरंत अपने लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर या कैश के रूप में निकाल सकेंगे।
इस नई सुविधा को लेकर देश के करोड़ों कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल इसकी लिमिट को लेकर है। सुरक्षा और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसकी एक तार्किक सीमा तय की है, जिसके तहत खाताधारक इमरजेंसी की स्थिति में अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम पचहत्तर फीसदी तक ही एटीएम के जरिए निकाल पाएंगे। वहीं अगर बात यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन करने की करें तो शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार यह लिमिट पचास फीसदी अमाउंट पर लागू हो सकती है। बाकी बचा हुआ हिस्सा खाते में अनिवार्य रूप से सुरक्षित रहेगा, ताकि कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित रहे। हालांकि, जो लोग पूरी सौ फीसदी राशि निकालना चाहते हैं, उनके लिए पुराने नियम जैसे रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता या लगातार दो महीने से अधिक समय तक नौकरी छूटना पहले की तरह ही बरकरार रहेंगे। सरकार ने इस बड़े फैसले के साथ ही क्लेम के ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे पांच लाख रुपये कर दिया है।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही बता चुके थे कि सरकार का मुख्य टारगेट ईपीएफओ को पूरी तरह से हाईटेक और डिजिटल बनाना है ताकि पीएफ होल्डर्स को इमरजेंसी में पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर ना काटने पड़ें। इसी बात पर फोकस करते हुए पीएफ विड्रॉल सिस्टम को सीधे एटीएम और यूपीआई से जोड़ा जा रहा है।
यूपीआई से पीएफ निकालने के लिए अकाउंट होल्डर्स को अपने खाते की केवाईसी पूरी करनी होगी, साथ ही यूएन नंबर पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए। इसके अलावा पीएफ खाता पहचान पत्रों जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। जैसे ही यह पोर्टल लाइव होगा, वैसे ही यूजर्स को उमंग ऐप या ईपीएफओ पोर्टल पर ‘लिंक पीएफ विद यूपीआई’ का नया विकल्प दिखने लगेगा, जहां अपनी यूपीआई आईडी दर्ज कर पिन वेरिफिकेशन के जरिए पैसा सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकेगा।
अभी के समय में पीएफ का पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग में कई दिनों का समय लग जाता है। लेकिन अब नए अपडेट के अनुसार ईपीएफओ इस पूरे प्रोसेस को आसान और तेज बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके जरिए पीएफ खाता धारकों को उनके अकाउंट से लिंक एक स्पेशल ईपीएफ-एटीएम कार्ड दिया जा सकता है, जो सामान्य डेबिट कार्ड के जैसे ही काम करेगा और इससे जरूरत के समय सीधे एटीएम मशीन से कैश निकाला जा सकेगा।
