ट्रंप की ईरान को नई चेतावनी, अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ तो फिर शुरू होगा युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया या उनकी हत्या की गई, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध शुरू कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में सैन्य कार्रवाई के लिए ठोस आधार मौजूद होगा।

ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने रुख को और कड़ा करते हुए गुरुवार को एक नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान ने किसी भी अमेरिकी सैनिक को निशाना बनाया या उनकी हत्या की, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से पूर्ण युद्ध शुरू कर देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका के पास जवाबी कार्रवाई करने की एक “बेहद ठोस और जायज वजह” होगी।

“ईरान की सैन्य शक्ति अब खत्म हो चुकी है” – ट्रंप का दावा

पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक के पास अब न तो कोई प्रभावशाली नौसेना बची है और न ही वायुसेना। ट्रंप के मुताबिक, ईरान का नेतृत्व ढांचा (Leadership Structure) भी पूरी तरह बिखर चुका है।

अपनी बात को पुख्ता करने के लिए ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “उनके पास 159 जहाज थे और वे सभी अब समुद्र की तलहटी में पड़े हैं। हमने वहां उनकी तस्वीरें भी ली हैं।” उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में किसी भी तरह का सैन्य टकराव पूरी तरह से ईरान के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।

मीडिया कवरेज पर बरसे ट्रंप

इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्ध की मीडिया रिपोर्टिंग पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मीडिया पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान असल में भारी नुकसान झेल रहा है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यधारा का मीडिया उसे युद्ध के मैदान में अच्छा प्रदर्शन करते हुए दिखा रहा है, जो कि सच्चाई से परे है।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश की कोशिश

ट्रंप का यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है, जब बुधवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया। 215 बनाम 208 के अंतर से पारित इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य अभियान शुरू करने से रोकना है। चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के 4 सांसदों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

प्रस्ताव की निंदा और बातचीत का जिक्र

ट्रंप ने इस वोट की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक “बेमतलब का वोट” करार देते हुए कहा कि 4 बुरे रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने मिलकर उनकी युद्ध शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की है। ट्रंप ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वे ईरान के साथ युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए बातचीत के आखिरी और निर्णायक दौर में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इन बयानों का मकसद एक तरफ ईरान पर ‘अधिकतम दबाव’ बनाना है, तो दूसरी तरफ घरेलू राजनीति में अपनी पकड़ को मजबूत दिखाना है।

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