उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अब देश की राजधानी दिल्ली से भी एक नाबालिग की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांचवां पुस्ता इलाके में एक सत्रह साल के नाबालिग युवक की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई।
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती तफ्तीश में मृतक युवक की पहचान अभिषेक के रूप में हुई है। इस खौफनाक वारदात को किसी एक या दो नहीं, बल्कि एक दर्जन से ज्यादा लड़कों ने मिलकर अंजाम दिया है। हमलावरों ने नाबालिग अभिषेक को बीच सड़क पर चारों तरफ से घेर लिया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए अभिषेक के पूरे शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा बार चाकुओं से हमला किया, जिसके कारण अत्यधिक खून बह जाने से गंभीर रूप से घायल अभिषेक ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
दिल्ली पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात एक जून दो हजार छब्बीस की रात को घटित हुई। न्यू उस्मानपुर पुलिस थाने को रात करीब सवा दस बजे के आसपास कंट्रोल रूम के जरिए पांचवां पुस्ता इलाके में सरेआम चाकूबाजी होने की आपात सूचना मिली थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने देखा कि सत्रह साल का एक नाबालिग युवक जमीन पर खून से पूरी तरह लथपथ हालत में पड़ा हुआ था, जिसकी सांसें थम चुकी थीं और प्राथमिक जांच करने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली के इस रिहायशी इलाके में हुई इस गंभीर वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के तमाम आलाधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को तत्काल क्राइम सीन पर बुलाया, जिसने पूरी मुस्तैदी से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए वहां से कई जरूरी भौतिक व वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा किए।
इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड को लेकर दिल्ली पुलिस ने न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा एक सौ तीन के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच और शव के निरीक्षण से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि युवक की जान शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर चाकुओं से किए गए ताबड़तोड़ हमलों के कारण ही गई है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ और तकनीकी अनुसंधान के जरिए पुलिस टीम को इस मर्डर केस में कुछ बेहद अहम और पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। फरार चल रहे हमलावरों और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने तथा उन्हें जल्द से जल्द दबोचने के लिए पुलिस की कई अलग-अलग और विशेष टीमों को अलग-अलग इलाकों में छापेमारी के लिए तैनात किया गया है, और पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
