ईरान-अमेरिका में भारी तनाव, अमेरिकी सेना के हमले के बाद ईरान ने दी इजरायल को मिटाने की धमकी

ईरान और अमेरिका के बीच पीस डील की चर्चाओं के बीच एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर ताजा हमला करते हुए होर्मुज और बंदरअब्बास इलाके में ईरानी नौसेना की नावों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है।

US-Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की चर्चाओं के बीच एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ताजा सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के होर्मुज और बंदरअब्बास इलाके में मिसाइल ठिकानों और ईरानी नौसेना की नावों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने आक्रामक बयान देते हुए कहा कि इजरायल का दुनिया के नक्शे से मिटना तय है। ईरान ने चेतावनी दी कि अब अमेरिका के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बचेगी।

ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका की उस कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसके जरिए उस पर आत्मसमर्पण का दबाव बनाया जा रहा था। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले से कुछ घंटे पहले ही ईरान के साथ पीस डील को लेकर उम्मीद जताई थी।

इसके बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदरअब्बास में मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। साथ ही होर्मुज क्षेत्र में माइंस बिछाने वाली ईरानी नौसेना की नावों को भी निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब ईरानी वार्ताकार कतर में शांति वार्ता के लिए मौजूद थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। इसी खतरे को रोकने के लिए यह सैन्य कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया।

दूसरी ओर, ईरान ने इस हमले को युद्धविराम का उल्लंघन करार देते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी सेना ने दावा किया कि फारस की खाड़ी के जलक्षेत्र में घुसपैठ के बाद उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया।

ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने अमेरिका के RQ-4 ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन और एक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट पर भी फायरिंग की, जिसके बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। हालांकि अमेरिका ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

ईरानी ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने कहा कि ईरान ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य तय कर लिए हैं और वह किसी भी युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान को तेल निर्यात से रोका गया तो पूरे क्षेत्र से तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

ईरान ने एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण बना रहेगा। वहीं, सुप्रीम लीडर खामेनेई के बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

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