अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने अमेरिका के ताजा शांति प्रस्ताव को जल्द स्वीकार नहीं किया, तो उसके पास “कुछ भी नहीं बचेगा।” ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है और उसे तुरंत फैसला लेना होगा।
ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि “ईरान के लिए घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है और उन्हें अब तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना वहां उनका कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद अहम है।” उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका तथा ईरान के बीच टकराव फिर से तेज होता दिखाई दे रहा है।
ट्रंप का यह बयान बेंजामिन नेतन्याहू से हुई उनकी बातचीत के कुछ ही समय बाद सामने आया। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई, जिसमें मुख्य रूप से ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर चर्चा की गई। बताया गया कि नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि इजरायल की सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इसी बीच अमेरिकी और ईरानी मीडिया में यह जानकारी भी सामने आई है कि दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने के लिए एक-दूसरे के सामने अपनी-अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका ने तेहरान को पांच प्रमुख शर्तें भेजी हैं। इनमें सबसे अहम मांग ईरान द्वारा अपने 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंपने की बताई गई है। इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि ईरान केवल सीमित परमाणु गतिविधियों तक खुद को सीमित रखे, युद्ध हर्जाने की मांग छोड़ दे, विदेशों में जब्त अधिकांश संपत्तियों को लेकर दावा न करे और बातचीत पूरी होने के बाद क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करे।
दूसरी ओर, तेहरान ने भी अमेरिका के सामने अपनी पांच शर्तें रखी हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कहा है कि जब तक उसकी शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, वह बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटेगा। ईरान ने मांग की है कि लेबनान समेत पूरे क्षेत्र में सैन्य अभियान बंद किए जाएं, उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं, विदेशों में जब्त ईरानी संपत्तियां वापस की जाएं, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी जाए।
इस बीच तनाव और बढ़ाने वाली खबर यह है कि अमेरिका कथित तौर पर ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई की तैयारी भी कर रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों के साथ एक अहम बैठक कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हो सकती है।
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव, तीखे बयानों और सैन्य गतिविधियों के बीच दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
