Aligarh Fake Currency Racket: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना समेत चार तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस प्रभावी कार्रवाई में आरोपियों के पास से कुल 7 लाख 70 हजार रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। पुलिस की इस दबिश के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों की बारीकी से तलाश कर रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान जिकरूल हसन, बसीम, आसिफ और फरमान के रूप में हुई है जो कासगंज और नई दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में जिकरूल हसन को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है जो लंबे समय से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नकली नोटों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रहा था। यह गिरोह विशेष रूप से बाजारों और ग्रामीण इलाकों को अपना निशाना बनाता था जहां असली नोटों के बीच इन नकली नोटों को आसानी से खपाया जा सके। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नकली करेंसी की खेप लेकर कुछ लोग सक्रिय हैं जिसके बाद घेराबंदी कर इन आरोपियों को दबोच लिया गया।
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— ALIGARH POLICE (@aligarhpolice) May 13, 2026
थाना गोरई पुलिस व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीमों द्वारा नकली नोटों की तस्करी करने वाले मु0अ0सं0 103/2026 धारा 178/180 बीएनएस से संबंधित अंतर्राज्यीय गैंग के गैंगलीडर सहित 04 अभियुक्तों को 7,70,000/- रुपये की नकली करेंसी सहित गिरफ्तार… pic.twitter.com/D6VFZxZ9vw
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस स्थान का पता लगाना है जहां इन नकली नोटों की छपाई की जा रही थी। हालांकि अभी तक नकली नोटों की किसी फैक्ट्री का सुराग नहीं मिला है लेकिन अलीगढ़ के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि यह नेटवर्क कितना पुराना है और अब तक कितनी नकली मुद्रा बाजार में खपाई जा चुकी है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
