India-Iran Row: ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय जहाजों पर की गई फायरिंग ने द्विपक्षीय संबंधों के बीच एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। एक तरफ ईरान भारत के साथ अपने मजबूत और पुराने रिश्तों की दुहाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी सेना की इस हरकत ने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हैरान कर दिया है। इस घटना के बाद ईरान की ओर से यह जताने की कोशिश की जा रही है कि भारत को ईरानी तेल प्राप्त करने और इस संवेदनशील रास्ते से टैंकर निकालने में हमेशा विशेष सहयोग मिला है, लेकिन ताजा हमले ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
ईरान की ओर से भारत में उनके सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध बहुत गहरे हैं और भारत ने इन रिश्तों का अच्छा फायदा भी उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई सफल चर्चाओं का हवाला देते हुए उम्मीद जताई है कि फायरिंग की इस घटना का जल्द ही समाधान निकल जाएगा। हालांकि, जब उनसे विशिष्ट रूप से फायरिंग के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने घटना की जानकारी न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की।
शनिवार को हुई इस घटना में ईरानी गनबोट से भारतीय झंडे वाले दो जहाजों—’सनमार हेराल्ड’ और ‘जग अर्णव’—पर गोलियां चलाई गई थीं। गनीमत रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और जहाजों को भी गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए दोनों जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस फारस की खाड़ी की ओर मुड़ना पड़ा। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और भारत की ओर से ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है।
इस पूरे विवाद के बीच ‘सनमार हेराल्ड’ के कैप्टन की डिस्ट्रेस कॉल की रिकॉर्डिंग ने तनावपूर्ण हालात की पोल खोल दी है। रिकॉर्डिंग में कैप्टन को ईरानी नेवी से यह कहते सुना जा सकता है कि उन्हें पहले जाने की इजाजत (क्लीयरेंस) दी गई थी और उनका नाम लिस्ट में दूसरे नंबर पर था, फिर भी उन पर फायरिंग की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भी ईरानी ऑपरेटर भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की बात कहते हुए तुरंत वापस लौटने का आदेश देता सुनाई दे रहा है।
मैरीटाइम ट्रैफिक डेटा के अनुसार, इस घटना के बाद रविवार शाम तक उस इलाके से किसी भी जहाज का पार होना मुश्किल हो गया था। जहाजरानी मंत्रालय ने पुष्टि की है कि फायरिंग के बाद भारत का विशाल कच्चा तेल वाहक ‘सनमार हेराल्ड’ और ‘जग अर्णव’ वापस लौट आए हैं। फिलहाल ईरान और भारत के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन समुद्र के बीच हुई इस कार्रवाई ने इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा और ईरान के दोहरे रवैये को लेकर चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
