उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की निजी कंपनियों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के हित में कई ऐतिहासिक और कड़े फैसले लिए हैं। पिछले तीन दिनों से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब कंपनियों को ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, समय पर वेतन और सीधा बैंक खाते में बोनस सुनिश्चित करना होगा।
ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश पर सख्त नियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अब श्रमिकों से ओवरटाइम कराने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, सप्ताह में एक दिन का अवकाश अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उस दिन की मजदूरी भी सामान्य से दोगुनी दर पर देनी होगी।
वेतन और बोनस भुगतान में पारदर्शिता
प्रशासन ने वेतन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आदेश दिया है कि हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों को एक ही किस्त में पूरी सैलरी मिल जानी चाहिए। भुगतान के साथ कर्मचारियों को ‘वेतन पर्ची’ देना भी अनिवार्य होगा ताकि रिकॉर्ड स्पष्ट रहे। बोनस को लेकर तय किया गया है कि 30 नवंबर तक बोनस की पूरी राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाए। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से कंपनियों की मनमानी और भुगतान में होने वाली देरी पर लगाम लगेगी।
महिला सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों में ‘आंतरिक शिकायत समिति’ का गठन अनिवार्य किया गया है, जिसकी कमान एक महिला सदस्य के पास होगी। साथ ही, फैक्ट्रियों में शिकायत पेटियां भी लगाई जाएंगी। श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन ने एक समर्पित कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हल्के लाठीचार्ज के बाद भी जारी है तनाव
जिला प्रशासन की इन महत्वपूर्ण घोषणाओं के बावजूद सोमवार की सुबह नोएडा के फेज-2 इलाके में कर्मचारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी सैलरी विसंगतियों और प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर डटे रहे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सरकार का उद्देश्य इन सुधारों के जरिए गौतम बुद्ध नगर को श्रम कल्याण के एक मॉडल जिले के रूप में स्थापित करना है।
