अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान में सत्ता के शीर्ष पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को जिम्मेदारी तो सौंपी गई, लेकिन ताज़ा खुफिया रिपोर्ट्स उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक दावे कर रही हैं। अमेरिकी और इजरायली इंटेलिजेंस द्वारा खाड़ी देशों को साझा किए गए एक मेमो के अनुसार, मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद खराब है और वे वर्तमान में बेहोश (कोमा जैसी स्थिति) हैं। उनका इलाज ईरान के पवित्र शहर कोम के एक अस्पताल में चल रहा है।
खुफिया एजेंसियों के मेमो में दावा किया गया है कि मोजतबा की स्थिति ‘लकवा’ मारने जैसी है और वे फिलहाल कोई भी निर्णय लेने की मानसिक या शारीरिक स्थिति में नहीं हैं। यह पहली बार है जब किसी रिपोर्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर की सटीक लोकेशन की जानकारी सार्वजनिक हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोम शहर में एक बड़ी कब्रगाह तैयार की जा रही है, जहाँ अली खामेनेई के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों और भविष्य में मोजतबा को दफनाने की योजना है। हालांकि, ईरान की सरकार की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जानकार इसे युद्ध के समय का ‘मनोवैज्ञानिक हमला’ भी मान रहे हैं।
गौरतलब है कि ईरान ने पहले ही स्वीकार किया था कि जिस एयरस्ट्राइक में अली खामेनेई, उनकी पत्नी और बहू मारी गई थीं, उसमें मोजतबा भी घायल हुए थे। सुप्रीम लीडर के रूप में नाम घोषित होने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे इन चर्चाओं को और बल मिला है। हालांकि, महज एक दिन पहले उनके सोशल मीडिया हैंडल से रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी की मौत पर शोक व्यक्त करने वाला एक बयान जारी किया गया था, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति पर सस्पेंस बरकरार है।
दूसरी ओर, युद्ध का मोड़ और भी आक्रामक होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को खोलने का समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के सभी प्रमुख पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर देगा। नेतृत्व के संकट और इस बाहरी दबाव ने ईरान को एक बेहद कठिन मोड़ पर खड़ा कर दिया है।
