लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर चौंकाने वाली करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बड़े बदलाव की आशंका जताई गई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार शाम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा, जो धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। इस मौसमी सिस्टम के कारण तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण कैस्पियन सागर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से 7 अप्रैल से बारिश का नया दौर शुरू हो रहा है, जो 9 अप्रैल तक जारी रह सकता है। लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जाएगा। 8 अप्रैल को प्रदेश के अधिकतम तापमान में व्यापक गिरावट दर्ज की जा सकती है। सोमवार को प्रदेश का सबसे गर्म इलाका जालौन का उरई रहा, जहां तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन अब आने वाले दिनों में बादलों और बारिश की वजह से इसमें कमी आएगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा और फिरोजाबाद में ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना जताई गई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा इटावा, औरैया और जालौन जैसे क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें क्योंकि तेज हवाओं और ओलों से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी धूल भरी आंधी और मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने (Thunderstorm/Lightning) की चेतावनी दी गई है। बांदा, फतेहपुर, कानपुर, उन्नाव, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को ही मथुरा और प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी, जो अब आने वाले 24 से 48 घंटों में और तेज होने वाली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
