ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के संकेत! राष्ट्रपति ट्रंप बोले- “लक्ष्य के करीब पहुंचा अमेरिका, अब समेटने का वक्त

वॉशिंगटन से आई ताजा जानकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुका है और अब इस युद्ध को समेटने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक चौंकाने वाला बयान देते हुए संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जारी अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब पहुंच गया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस भीषण संघर्ष के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिकी प्रशासन की ओर से युद्ध को रोकने या सैन्य प्रयासों को कम करने का इतना स्पष्ट और मजबूत संकेत मिला है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उन पांच प्रमुख सैन्य उपलब्धियों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने इस अभियान की सफलता का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल क्षमता, उसके रक्षा औद्योगिक ढांचे और उसकी नौसेना व वायु सेना को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य कार्रवाई का एक बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में न पहुंच पाए, जिसमें अमेरिका सफल रहा है। ट्रंप ने इजरायल, सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों को उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करने को भी अपनी बड़ी उपलब्धि बताया।

हालांकि, इस घोषणा के साथ ही ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर उन देशों को कड़ा संदेश दिया है जो तेल व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक मार्ग की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी अब उन देशों को ही उठानी होगी जो इसका इस्तेमाल करते हैं। ट्रंप के शब्दों में, “अमेरिका अब इसकी चौकीदारी नहीं करेगा।” उन्होंने संकेत दिया कि हालांकि अमेरिका जरूरत पड़ने पर मदद कर सकता है, लेकिन वह अब इस मार्ग का प्राथमिक रक्षक नहीं बना रहेगा। यह बयान वैश्विक तेल बाजार और उन देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर पूरी तरह निर्भर हैं।

ट्रंप के इन दावों और जमीन पर मौजूद हकीकत के बीच एक बड़ा विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राष्ट्रपति युद्ध समेटने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन ने इस युद्ध के खर्च के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि की मांग की है। इसके अतिरिक्त, रक्षा सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका मध्य पूर्व में तीन और एम्फीबियस असॉल्ट शिप और लगभग 2500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की नई खेप भेज रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह नई रणनीति फ्रंटलाइन पर सीधी मौजूदगी कम करने और रणनीतिक दबदबा बनाए रखने की एक कोशिश हो सकती है, लेकिन जब तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह नहीं खुलता, तब तक इस संघर्ष के पूर्ण अंत पर संशय बना रहेगा।

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