काबुल: पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र के रूप में संचालित अस्पताल को निशाना बनाकर भीषण एयरस्ट्राइक की है। अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान के अनुसार, इस हमले में कम से कम 400 लोगों की जान चली गई है और 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी और सूचना मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनकी सैन्य कार्रवाई बेहद सटीक थी और इसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ठिकानों और उग्रवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। पाकिस्तान का रुख है कि उसने किसी भी नागरिक स्थल या रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान धरती का इस्तेमाल उसके खिलाफ आतंकवादी हमलों के लिए किया जा रहा है, जिसे तालिबान प्रशासन लगातार नकारता आया है। फरवरी के अंत से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और सीमावर्ती इलाकों में हो रही गोलाबारी में मासूम बच्चों सहित कई नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
Rescue workers are searching through the rubble of the rehabilitation hospital in Kabul after the Pakistani military regime’s airstrike, recovering victims. pic.twitter.com/O98HDnKZeO
— برهان الدین | Burhan uddin (@burhan_uddin_0) March 16, 2026
इस भयावह घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अफगानिस्तान के भीतर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पूर्व अफगान अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस बीच, अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटरों ने भी इस हमले पर गहरा दुख और गुस्सा जताया है। राशिद खान ने आवासीय इलाकों और अस्पतालों को निशाना बनाने को ‘वॉर क्राइम’ बताते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा केवल नफरत को बढ़ावा देगी। मोहम्मद नबी ने भी सोशल मीडिया के जरिए हमले में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस घटना को हृदयविदारक बताया है।
क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गहरा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू नहीं हुई, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, काबुल के अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ और मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है, जिससे मृतक संख्या में और इजाफा होने की आशंका बनी हुई है।
