ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, शनिवार को तेहरान पर हुए घातक अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों में मारे गए हैं। ‘फॉक्स न्यूज’ और ‘द जेरूसलम पोस्ट’ के अनुसार, न केवल खामेनेई बल्कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व के 5 से 10 बड़े नेताओं के भी इस हमले में मारे जाने की प्रबल आशंका है।
डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बयान ने बढ़ाई हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक बेहद “शक्तिशाली हमला” था। जब उनसे ईरानी नेतृत्व के मारे जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हां, बहुत कुछ खत्म हो गया है। हम अभी पूरी जानकारी नहीं रखते, लेकिन काफी कुछ नष्ट हो चुका है।” वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने टेलीविजन संबोधन में संकेत दिया कि हमले में सीधे तौर पर खामेनेई के परिसर को निशाना बनाया गया था और उनकी मौत के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। रॉयटर्स ने भी इजराइली अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि खामेनेई का शव मलबे के नीचे से बरामद कर लिया गया है।
सैन्य अभियान के बाद से लापता हैं खामेनेई
शनिवार शाम को हुए इस हमले के बाद से ही अयातुल्ला अली खामेनेई सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। इजराइली खुफिया तंत्र का मानना है कि जिस समय एयरस्ट्राइक हुई, उस समय खामेनेई अपने मुख्य रणनीतिक केंद्र में मौजूद थे। इस हमले के बाद से ही तेहरान में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और संचार माध्यमों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
ईरान का आधिकारिक खंडन
इन तमाम दावों के बीच, ईरानी प्रशासन अभी भी इन खबरों को सिरे से खारिज कर रहा है। भारत में ईरान के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि खामेनेई को किसी भी देश की धमकियों से डर नहीं लगता और वे अपनी समझदारी से नेतृत्व करना जारी रखेंगे। हालांकि, तेहरान से किसी भी आधिकारिक वीडियो या तस्वीर के सामने न आने के कारण खामेनेई की सुरक्षा को लेकर संशय बरकरार है।
यदि खामेनेई की मृत्यु की खबर आधिकारिक रूप से पुष्ट होती है, तो यह मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। फिलहाल, दुनिया भर की निगाहें तेहरान से आने वाले अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
