आगरा में एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटिंग खिलाड़ी के साथ सेना में भर्ती कराने के नाम पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी फौजी संदीप उर्फ विराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी वर्तमान में पंजाब के पटियाला में तैनात था और मूल रूप से आगरा के सदर बाजार क्षेत्र का रहने वाला है।
NCC कैंप में हुई थी मुलाकात
पीड़िता राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी होने के साथ-साथ एनसीसी कैडेट भी रह चुकी है। करीब दो साल पहले सदर क्षेत्र में एक एनसीसी कैंप के दौरान उसकी मुलाकात संदीप से हुई थी। आरोपी ने खुद को सेना का जवान बताते हुए पीड़िता को विश्वास में लिया और सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।
देहरादून ले जाकर नशीला पदार्थ दिया और किया रेप
पीड़िता के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को आरोपी ने सेना में भर्ती की प्रक्रिया का बहाना बनाकर उसे देहरादून बुलाया। वहां एक होटल में ठहरने के दौरान आरोपी ने पीड़िता के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। जब वह अर्धबेहोश हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। होश आने पर जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने उन वीडियो को वायरल करने की धमकी दी।
पुलिस कमिश्नर, आगरा @DeepakKumarIPS के निर्देशन में #आगरा_पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्यवाही निरंतर जारी है:-
— POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) February 17, 2026
छल पूर्वक नौकरी का झांसा देते हुए धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को #थाना_जगदीशपुरा… pic.twitter.com/M6F6BF77wD
ब्लैकमेलिंग और 5 लाख की मांग
घटना के बाद आरोपी लगातार पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। उसने वीडियो डिलीट करने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की। आरोपी इतना बेखौफ था कि वह पीड़िता का पीछा करता और उसके परिचितों को आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान करने लगा। इस बीच पीड़िता को यह भी पता चला कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा है। इस प्रताड़ना से टूटकर पीड़िता गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई और उसने खेल प्रतियोगिताओं में जाना व घर से निकलना तक बंद कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
आरोपी की बढ़ती हरकतों से तंग आकर अंततः पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद 25 जनवरी 2026 को थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। 16 फरवरी 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी संदीप को बिचपुरी नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
