अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद गंभीर चेतावनी देते हुए सैन्य हमलों का दायरा व्यापक स्तर पर बढ़ाने की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ किया कि यदि तेहरान तुरंत बातचीत की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिकी सेना अगले सप्ताह से ईरान के प्रमुख पावर प्लांट्स और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों (इंफ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाना शुरू कर देगी। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि अगला हफ्ता ईरान के लिए बहुत बुरा साबित होने वाला है क्योंकि जब तक वे समझौते के लिए तैयार नहीं होते, तब तक उनके सभी पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। जब राष्ट्रपति ट्रंप से यह सवाल किया गया कि ईरान के खिलाफ यह सैन्य अभियान कब तक जारी रहेगा, तो उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यह तब तक चलेगा जब तक वे खुद न कह दें कि बस, अब बहुत हो गया।
ट्रंप का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेना ने लगातार चौथे दिन भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी जारी रखी है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाहों और तटीय इलाकों को निशाना बनाकर भारी हमले किए। ईरानी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात के वक्त बंदर अब्बास और अहवाज जैसे प्रमुख शहरों में लगातार हुए धमाकों की गूंज सुनी गई है।
इस जबरदस्त बमबारी के साथ ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को भी पूरी तरह से फिर से लागू कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य घेराबंदी की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के बीस से ज्यादा अत्याधुनिक युद्धपोत और सैकड़ों की संख्या में लड़ाकू सैन्य विमान तैनात किए जा चुके हैं। अमेरिका की इस कड़क नाकेबंदी के बाद ईरान ने भी बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे चल रही बातचीत को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है। तेहरान का कहना है कि इस नई अमेरिकी नाकेबंदी ने पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए उस शांति समझौते का अस्तित्व पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिसके दम पर युद्ध को रोककर राजनयिक बातचीत का रास्ता खोला गया था।
अमेरिका के इन चौतरफा हमलों से बौखलाए ईरान ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र से होने वाले वैश्विक ऊर्जा निर्यात को पूरी तरह से ठप करने की खतरनाक धमकी दे डाली है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के सबसे शक्तिशाली सैन्य संगठन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने खुलेआम चेतावनी दी है कि जब तक इस इलाके में अमेरिका की आक्रामक और नुकसानदेह हरकतें जारी रहेंगी, तब तक वे इस पूरे क्षेत्र से तेल और गैस की एक बूंद भी बाहर निर्यात नहीं होने देंगे।
ईरानी सैन्य बल ने यह भी दावा किया कि अमेरिका की इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सामान्य जहाजों के लिए खोलने में और ज्यादा देरी होगी। अपनी इसी बौखलाहट और जवाबी कार्रवाई के तहत ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले किए हैं, जिसके बाद से खाड़ी क्षेत्र में किसी महायुद्ध के भड़कने का खतरा अपने चरम पर पहुंच गया है।
