मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर बड़ा ड्रोन हमला किया है, जिसमें शहर की एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर इस रिफाइनरी पर यह दूसरा हमला है।
रूसी मीडिया में सामने आई तस्वीरों और वीडियो में रिफाइनरी परिसर से उठती भीषण आग और घने काले धुएं के गुबार दिखाई दिए। जिस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, वह Moscow Oil Refinery है, जो क्रेमलिन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह रिफाइनरी रूस की प्रमुख तेल प्रसंस्करण इकाइयों में शामिल मानी जाती है और मॉस्को क्षेत्र की ईंधन जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला हाल के वर्षों में राजधानी पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं तथा आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसी रिफाइनरी को 16 जून को भी ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा था। उस समय भी आग लग गई थी, हालांकि अधिकारियों ने दावा किया था कि स्थिति को जल्द नियंत्रण में ले लिया गया था।
हमले का असर राजधानी की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से मॉस्को के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर सेवाओं को बहाल किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ढांचे और तेल सुविधाओं को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक क्षमता पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। तेल और गैस से होने वाली आय रूस की अर्थव्यवस्था और युद्ध संबंधी खर्चों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रणनीतिक महत्व रखते हैं।
हालांकि, इस हमले से हुए वास्तविक नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर रूसी अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, यूक्रेन की तरफ से भी इस हमले को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
