इस्लामाबाद में ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी के मौके पर पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (ISPR) ने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। रावलपिंडी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ISPR के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कश्मीर और सिंधु जल संधि को लेकर विवादित बयान देते हुए क्षेत्रीय तनाव को फिर से बढ़ा दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा और भविष्य में वहां से बहने वाली नदियों पर पाकिस्तान का नियंत्रण होगा। उन्होंने सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली ऐसी अंतरराष्ट्रीय संधि थी जिसमें नदियों का बंटवारा किया गया था। उनके अनुसार तीन नदियों का पानी पाकिस्तान को और तीन का भारत को दिया गया था, लेकिन उनका कहना था कि यह क्षेत्र अभी भी विवादित है।
चौधरी ने आगे कहा कि पाकिस्तान यह तय करेगा कि भारत को पानी दिया जाए या नहीं, और नदियों के पानी पर अंतिम निर्णय पाकिस्तान का होगा। उन्होंने कश्मीर को लेकर भी दोहराया कि “इंशाअल्लाह” यह क्षेत्र भविष्य में पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा और इसका निर्धारण वहां की जनता की इच्छा के अनुसार होगा।
DG ISPR Sir Ahmed Sharif Chaudhry responds to the Indian Air Force’s widely mocked claim of downing 13 Pakistani jets, three months after the alleged incident. pic.twitter.com/xSua3xtDJT
— Pak Def & Strat Analysis (@DSA_Pak) May 7, 2026
इस बयान के बाद भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारत के विदेश मंत्रालय ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दुनिया ने पहलगाम आतंकी हमले को देखा है और भारत ने सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का सख्त जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा लंबे समय से आतंकवाद को अपनी नीति के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है और भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने के लिए लगातार काम करता रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी।
