मिडिल ईस्ट में बड़ी खबर: अमेरिका ने खत्म किया ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’, मार्को रूबियो ने किया शांति की शर्तों का खुलासा

Operation ‘Epic Fury’ Ends: मध्य पूर्व में महीनों से जारी भारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच अमेरिका की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ईरान के खिलाफ चलाया गया प्रमुख सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब समाप्त हो चुका है।

Operation ‘Epic Fury’ Ends: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चलाया गया अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अपने तय लक्ष्यों को पूरा करने के बाद खत्म कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि अमेरिका किसी नए युद्ध या लंबे संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता। उनका कहना था कि अमेरिका शांति और स्थिरता का पक्षधर है, लेकिन इसके लिए ईरान को भी कुछ अहम कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा।

रुबियो ने हालिया सैन्य कार्रवाई को रक्षात्मक कदम बताते हुए कहा कि अमेरिका ने यह अभियान केवल अपने हितों और वैश्विक सुरक्षा की रक्षा के लिए चलाया था, न कि किसी देश पर हमला करने की मंशा से।

इस पूरे विवाद का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति के लिए सबसे अहम रास्तों में से एक माना जाता है। अमेरिका इस मार्ग को दोबारा सुरक्षित रूप से खोलने की कोशिश कर रहा है ताकि फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को बाहर निकाला जा सके।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण तरीके से जहाजों को सुरक्षित निकालना चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार है। अब तक केवल दो जहाज इस मार्ग से निकल पाए हैं, जबकि कई जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए बताए जा रहे हैं।

मार्को रुबियो ने कहा कि करीब 23 हजार नाविक इस संकट से प्रभावित हैं और कठिन परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह इस जलमार्ग को बाधित कर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को नुकसान पहुंचा रहा है।

अमेरिका अब इस मामले में चीन और अन्य देशों की भूमिका पर भी नजर बनाए हुए है। रुबियो ने उम्मीद जताई कि चीन, ईरान पर दबाव बनाएगा क्योंकि इस संकट से चीन की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। उनका कहना था कि कई देश समाधान चाहते हैं, लेकिन आवश्यक सैन्य क्षमता अमेरिका के पास ही है, इसलिए जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा उसी पर है।

इस बीच क्षेत्र में संघर्षविराम लागू है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर हमलों के आरोप लगाए हैं, जबकि ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। कुल मिलाकर सैन्य अभियान भले खत्म हो गया हो, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा रहा है।

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