भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने ओडिशा सरकार के सहयोग से भुवनेश्वर के विश्व कौशल केंद्र में राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन स्कीम पर एक परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य देश भर में व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाओं को आधुनिक बनाना है। इसमें योजना की संरचना और संचालन पर चर्चा हुई और उद्योग जगत, शिक्षा क्षेत्र तथा प्रशिक्षण संस्थानों से सुझाव लिए गए ताकि उभरती हुई कार्यबल की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
MSDE के सचिव श्री रजित पुन्हानी ने इस योजना को केवल बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण के बजाय व्यावसायिक प्रशिक्षण के मूल स्वरूप को पुनर्जीवित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि “हब-एंड-स्पोक मॉडल, उद्योग-आधारित शासन और वैश्विक-मानक प्रशिक्षण” के माध्यम से आईटीआई को नवाचार, रोजगारपरकता और उद्यमिता का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा अपनी मजबूत औद्योगिक स्थिति और नए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के कारण इस बदलाव का नेतृत्व कर सकता है।
कार्यशाला में ओडिशा की आईटीआई यात्रा पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की तकनीकी शिक्षा, बुनियादी ढांचे और उद्योग साझेदारी में हुई प्रगति को दर्शाया गया। इसमें बताया गया कि कैसे ओडिशा इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर सकता है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भविष्य की कार्यबल की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण को ढालने पर अपने विचार रखे। वहीं, तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों और संकाय सदस्यों ने व्यावहारिक सुझाव दिए।

मुख्य अनुशंसाओं में पाठ्यक्रम को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपडेट करना, विशेष प्रयोजन वाहन (SPV)-आधारित मॉडल के लिए मार्गदर्शन, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना, हाइब्रिड प्रशिक्षण अपनाना, कौशल प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहन देना, रक्षा, चिकित्सा और कृषि जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग करना और प्रशिक्षुता के अवसरों को बढ़ाना शामिल था।
ओडिशा के समृद्ध खनिज संसाधनों को देखते हुए, हितधारकों ने इस क्षेत्र की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए लक्षित कौशल कार्यक्रमों पर जोर दिया। उनका मानना है कि इससे स्थानीय उद्योग की मांग पूरी होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मई, 2025 को 1,000 आईटीआई संस्थानों को उन्नत करने के लिए 5 वर्षों में 60,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन स्कीम को मंजूरी दी। इस योजना का लक्ष्य व्यावसायिक शिक्षा को वैश्विक गुणवत्ता मानकों और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
इस योजना को केंद्र से 30,000 करोड़, राज्यों से 20,000 करोड़ और उद्योग से 10,000 करोड़ के त्रिपक्षीय मॉडल से वित्त पोषित किया जाएगा। इसके तहत 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) को राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOE) में अपग्रेड किया जाएगा।
Consultative Workshop on the National Scheme for ITI Upgradation held on 12th August at @worldskillcenter. Jointly organised by @MSDESkillIndia & @SDTEOdisha, it brought together industry leaders,ITI principals & faculty to explore stronger linkages for ITI upgradation in Odisha. pic.twitter.com/HybNHeg2O0
— Skill Development and Technical Edn. Department (@SDTEOdisha) August 12, 2025
यह योजना उद्योग के साथ गहरे सहयोग पर केंद्रित है, जिसमें प्रत्येक आईटीआई क्लस्टर के संचालन के लिए SPV (Special Purpose Vehicle) का निर्माण शामिल है। SPV का सह-स्वामित्व केंद्र, राज्य और एंकर उद्योग भागीदारों के पास होगा। उन्नत क्लस्टर उच्च-गुणवत्ता, उद्योग-संबंधित और परिणाम-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जिससे कौशल विकास भारत के युवाओं के लिए आकांक्षी और रोजगार-सक्षम बनेगा।
कार्यशाला में एमएसडीई की अपर सचिव सुश्री सोनल मिश्रा; कौशल विकास एवं रोजगार निदेशक, विश्व कौशल केंद्र, भुवनेश्वर की निदेशक, सुश्री रश्मिता पांडा; तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशक, ओडिशा सरकार, श्री चक्रवर्ती सिंह राठौर; और एसडी एवं टीई के अपर सचिव, सह सीओओ, विश्व कौशल केंद्र, भुवनेश्वर, श्री पिनाकी पटनायक उपस्थित थे। इसमें सीटीटीसी, सीआईपीईटी, एनटीटीएफ, अदानी पोर्ट्स, टाटा स्ट्राइव, फिलिप्स एजुकेशन, आर्सेलर मित्तल एंड निप्पॉन स्टील, सीआईआई, फेस्टो इंडिया, ऑटोमोबाइल डॉक्टर इंडिया, डीएमजी मोरी, आईजी ड्रोन्स और राउरकेला स्टील प्लांट सहित विभिन्न संगठनों के उद्योग जगत के प्रमुख और शिक्षाविद भी उपस्थित थे।
अपने सहयोगात्मक दृष्टिकोण और मज़बूत उद्योग संबंधों के साथ, यह योजना भारत के व्यावसायिक प्रशिक्षण परिदृश्य को नया आकार देने, रोज़गार क्षमता बढ़ाने और देश के कार्यबल को भविष्य के रोजगार के लिए सक्षम बनाने हेतु तैयार है। इस कार्यशाला ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कौशल केंद्र बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और उद्योगों को दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए एंकर उद्योग भागीदार के रूप में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
.@MSDE held a workshop on the National Scheme for #ITI Upgradation -revamping 1,000 ITIs via a Hub-and-Spoke model with strong industry ties at @WorldSkillCentr. The event focused on industry collaboration, modern tech, and future-ready skills. pic.twitter.com/D59pr4iYfl
— Skilled in Odisha – OSDA (@skilled_odisha) August 13, 2025
