Women’s T20 World Cup: वनडे विश्व कप की चैंपियन रह चुकी भारतीय महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड में चल रहे टी-20 विश्व कप में सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया है और टीम सेमीफाइनल की दौड़ से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए इस करो या मरो के बेहद अहम मुकाबले में भारत को 6 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस करारी हार के कारण भारतीय महिला टीम अपने ग्रुप तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचने से चूक गई, जिसने टूर्नामेंट में उनके आगे बढ़ने के तमाम रास्तों को बंद कर दिया।
इस मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए शानदार और तेजतर्रार अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी 56 रनों की पारी और आखिरी ओवरों में लगाए गए तीन गगनचुंबी छक्कों की बदौलत भारतीय टीम को चार विकेट के नुकसान पर 170 रनों के एक चुनौतीपूर्ण और मजबूत स्कोर तक पहुंचाया था। हालांकि, भारतीय गेंदबाज इस बड़े लक्ष्य का बचाव करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के मजबूत बल्लेबाजी क्रम ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए महज 19 ओवरों में ही सिर्फ चार विकेट खोकर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और मैच अपने नाम कर लिया।
टूर्नामेंट से आधिकारिक तौर पर बाहर होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर बेहद भावुक और निराश नजर आईं। उन्होंने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान किसी भी बहानेबाजी के बजाय टीम की कमियों को बेहद ईमानदारी और खुलकर सबके सामने रखा। हरमनप्रीत ने साफ लफ्जों में कहा कि भारतीय टीम मजबूत और बड़ी टीमों के खिलाफ मानसिक और तकनीकी दोनों ही मोर्चों पर काफी पिछड़ गई। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि यदि वे पूरे टूर्नामेंट के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो भारत ने दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ बेहद साधारण और निराशाजनक खेल दिखाया। उन्होंने कहा कि अमूमन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के सामने किसी भी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर आता है, लेकिन भारतीय टीम के साथ इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ और अब पूरी टीम को इस पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है।
कप्तान ने पिछले मैचों में टीम द्वारा की गई फील्डिंग की बड़ी गलतियों को याद करते हुए कहा कि फील्ड पर छूटे हुए कैचों ने टीम को टूर्नामेंट में भारी वित्तीय और रणनीतिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में टीम आखिरी ओवरों तक मुकाबले में जीवंत बनी हुई थी, लेकिन कड़वा सच यही है कि खिलाड़ी अपने तय अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी टीम को आगाह करते हुए रणनीति बदलने की सख्त नसीहत दी। उन्होंने चिंता जताई कि टीम लंबे समय से एक ही तरह की गलतियों को बार-बार दोहरा रही है, जिसमें मैच के सबसे नाजुक और अहम मौकों पर, विशेष रूप से आखिरी ओवरों में बहुत ज्यादा रन लुटाना और बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय पूरी बल्लेबाजी लाइन-अप का अचानक लड़खड़ा जाना शामिल है। हरमनप्रीत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टीम को चेतावनी दी कि एक समूह के रूप में अब अपनी खेल रणनीति में बड़े बदलाव करने और इन कमियों का जल्द से जल्द स्थायी समाधान खोजने का समय आ गया है।
