UP Weather Today: उत्तर प्रदेश में मॉनसून का बेहद उग्र रूप देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में गुरुवार को कम से कम सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बिगड़ते हालातों के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग ने आज, 10 जुलाई 2026 को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की सख्त चेतावनी जारी करते हुए आम जनता से सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की है। आपदा से जुड़ी ये दुखद घटनाएं संत कबीर नगर, कुशीनगर, बुलंदशहर, शामली और गाजियाबाद से सामने आई हैं, जबकि नोएडा, प्रयागराज और राजधानी लखनऊ जैसे बड़े शहरों में भीषण जलभराव, ट्रैफिक जाम और सड़कें धंसने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्राकृतिक आपदा की इन घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से तीन मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं। संत कबीर नगर जिले की मेहदावल तहसील के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग गांवों में खेतों में काम कर रही 17 वर्षीय किशोरी चांदनी और 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला वरसाना की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। स्थानीय जिला प्रशासन ने इन दोनों घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसी तरह, कुशीनगर के थड़िभार गांव में एक दुखद हादसा हुआ, जहां 14 साल का बच्चा राहुल कुमार खेत की मेड़ पर खड़ा था और तभी अचानक उस पर बिजली गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मकान और दीवारें गिरने से भी कई हादसे हुए हैं। बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र स्थित मुंडाखेड़ा गांव में भारी बारिश की वजह से एक पक्की दीवार पास में बने अस्थायी टेंटों पर भरभरा कर गिर गई। इस मलबे में दबने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया गया है।
वहीं, शामली के थाना भवन कस्बे में भी बारिश के दौरान एक टिन शेड की दीवार अचानक ढह गई, जिसकी चपेट में आकर 49 वर्षीय शाहिद की मौत हो गई और उनके दो बेटे अमन व नोमान गंभीर रूप से घायल हो गए, जो इस समय अस्पताल में उपचाराधीन हैं। गाजियाबाद के विजय नगर इलाके की सर्वोदय कॉलोनी में एक और हृदय विदारक घटना घटी, जहां बारिश के पानी से उफान पर आए एक खुले नाले में गिरने से तीन साल की मासूम बच्ची पल्लवी की डूबने से मौत हो गई।
इस भीषण प्राकृतिक संकट को देखते हुए मौसम विभाग के लखनऊ क्षेत्रीय केंद्र ने मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 11 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे आगामी दो से तीन दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मुजफ्फरनगर के भोखाहेड़ी गांव में तो लगातार 48 घंटों से हो रही बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिरने से 20 बकरियों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जिसने पूरे जिले की रफ्तार को रोक दिया है।
महानगरों की बात करें तो नोएडा और गाजियाबाद में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है, जहां मुख्य सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भर जाने से सैकड़ों गाड़ियां सड़कों पर ही खराब हो गईं और किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 में एक निर्माणाधीन बेसमेंट के पास की पूरी पक्की सड़क ही अचानक धंस गई, जिससे वहां खड़ी एक कार और स्कूटर गहरे गड्ढे में समा गए और पास का बिजली का पोल भी एक तरफ झुक गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
नोएडा के सेक्टर-33 स्थित परिवहन विभाग कार्यालय और प्रयागराज के सिविल लाइंस व महिला थाने की इमारतें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी शिक्षा बोर्डों के स्कूलों को बंद रखने का सख्त आदेश जारी किया है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में अचानक बढ़ी इस भीषण बारिश के पीछे के मुख्य तकनीकी कारणों का भी खुलासा किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के वायुमंडल के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है, जिससे जुड़े ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (सर्कुलेशन) ने अब उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। इसी मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश में मॉनसून बहुत अधिक तीव्र और आक्रामक हो गया है।
आईएमडी ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले प्रभावित जिलों के नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे बहुत जरूरी न होने पर यात्रा करने से पूरी तरह बचें, बिजली के खंभों और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहें तथा खराब मौसम के दौरान केवल पक्के और सुरक्षित स्थानों के भीतर ही शरण लें।
