बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की जांच से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात में असल निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सलमान खान थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण जब शूटर सलमान खान को अपना निशाना नहीं बना पाए, तो उन्होंने आसान और बिना सुरक्षा वाले टारगेट के रूप में टाइगर श्रॉफ को चुन लिया। राजस्थान के कोटा से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
सलमान खान के घर की हुई थी रेकी
रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार की शाम को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने वाले दोनों शूटरों ने उससे पहले बांद्रा पश्चिम के बैंडस्टैंड इलाके में स्थित सलमान खान के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के आसपास कड़ी रेकी की थी। हालांकि, वहां मौजूद भारी पुलिस सुरक्षा और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते वे अपने नापाक इरादों को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद गिरोह ने आनन-फानन में अपनी रणनीति बदली और किसी ऐसे आसान और कमजोर लक्ष्य की तलाश शुरू कर दी, जिसके पास कोई आधिकारिक सुरक्षा घेरा न हो।
सोशल मीडिया से मिली टाइगर की लोकेशन
पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गुर्गों को सोशल मीडिया के जरिए टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या की जानकारी मिली थी। उन्हें पता चला कि अभिनेता हर रविवार को जुहू के पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं और उनके पास कोई पुलिस सुरक्षा नहीं होती है, जिससे वे एक ‘ईजी टारगेट’ बन सकते हैं। जब शूटर्स ने गिरोह के सहयोगी अमित पंडित (जिसे इस हमले का मुख्य आदेश देने वाला बताया जा रहा है) को यह बताया कि सलमान खान तक पहुँचना संभव नहीं है, तो सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद हथियारों से लैस शूटरों ने ग्राउंड के बाहर टाइगर पर नजर रखी और जैसे ही उनकी कार गेट से बाहर निकली, उन पर गोलियां बरसा दीं। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए।
बिश्नोई गैंग की खुली धमकी और सोशल मीडिया पोस्ट
इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम खुलकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट के जरिए अनिल पंडित और हरमन संधू नामक बदमाशों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए खुलेआम धमकी दी। पोस्ट में लिखा गया कि जो भी मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में उनकी बात नहीं मानेगा या सलमान खान के साथ काम करेगा, अगला नंबर उसी का होगा। गौरतलब है कि सलमान खान और बिश्नोई समुदाय के बीच का पुराना विवाद 1998 में जोधपुर में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार की घटना से जुड़ा हुआ है, जिसे बिश्नोई समाज अपनी आस्था और परंपरा के खिलाफ मानता है।
राजस्थान के कोटा से हुई गिरफ्तारी
इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीन मुख्य शूटरों को धर दबोचा, जिनमें से दो आरोपी हरियाणा के और एक बिहार का रहने वाला है। इसके बाद कोटा पुलिस ने इन्हें मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया और मंगलवार देर रात इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल्स और सोशल मीडिया चैट की गहन तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि शूटर्स के स्थानीय हैंडलर्स कौन थे और इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
