नई दिल्ली। भारतीय महिला कुश्ती की स्टार ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से एक बहुत बड़ी राहत मिली है। देश की शीर्ष अदालत ने विनेश फोगाट को आगामी एशियाई खेलों (एशियन गेम्स 2026) के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की याचिका पर नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 जून की तारीख तय की है।
यह कानूनी विवाद तब गहराया जब भारतीय कुश्ती महासंघ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें विनेश फोगाट को ट्रायल में शामिल होने की हरी झंडी दी गई थी। शनिवार और रविवार यानी 30 और 31 मई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इन ट्रायल्स को रोकने के लिए डब्ल्यूएफआई ने अपनी स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की थी। महासंघ ने 22 मई को आए दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश को प्रथम दृष्टया अवैध और अनुचित बताते हुए दलील दी थी कि विनेश के पक्ष में इतना बड़ा निर्देश जारी करने से पहले महासंघ को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का पर्याप्त अवसर और समय नहीं दिया गया।
महासंघ ने अपनी याचिका में कुछ व्यावहारिक और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतों का भी हवाला दिया था। डब्ल्यूएफआई का कहना था कि यदि विनेश फोगाट इन ट्रायल्स के जरिए एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर भी लेती हैं, तो भी उन्हें प्रतियोगिता में शामिल करने में तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं, क्योंकि खेल में हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीटों की अंतिम सूची इस महीने की शुरुआत में ही मेजबान देश जापान भेजी जा चुकी है। महासंघ ने कोर्ट के सामने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर तमाम अड़चनों के बाद किसी तरह विनेश को एक ‘आइकॉनिक खिलाड़ी’ के तौर पर विशेष कोटे से टीम में शामिल किया जाता है, तो भी उन्हें केवल 50 किलोग्राम भारवर्ग में ही मुकाबला करने की अनुमति मिल पाएगी।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट पिछले कुछ समय से लगातार विवादों और चर्चाओं के केंद्र में रही हैं। साल 2023 में उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर दिल्ली में हुए महिला पहलवानों के ऐतिहासिक धरने का नेतृत्व किया था। इसके बाद, पेरिस ओलंपिक 2024 में देश के लिए मेडल के करीब पहुंचीं विनेश को फाइनल मुकाबले वाले दिन निर्धारित 50 किलोग्राम भारवर्ग से मात्र 100 ग्राम वजन अधिक पाए जाने के कारण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अयोग्य (डिसक्वालीफाई) करार दे दिया गया था। इस गहरे सदमे के बाद विनेश फोगाट ने नम आंखों से कुश्ती से संन्यास लेने का सनसनीखेज ऐलान कर दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले के बाद खेल के मैदान पर उनकी वापसी की उम्मीदें एक बार फिर पूरी तरह जिंदा हो गई हैं।
