नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा देने का फैसला किया है। हाल ही में उनकी कप्तानी में भारत ने एशियन गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीता था। मंगलवार को हरमनप्रीत ने एक बयान जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी।
हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज के बाद भारतीय महिला टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम ने तीनों फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया और पिछले साल भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता। उनके नेतृत्व में टीम ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं।
हरमनप्रीत ने कहा- यह फैसला आसान नहीं था
कप्तानी छोड़ने के फैसले पर हरमनप्रीत कौर ने कहा कि यह उनके लिए आसान निर्णय नहीं था। उन्होंने अपने बयान में लिखा कि इस फैसले के साथ कई यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं, जो हमेशा उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना पूरा योगदान दिया। हरमनप्रीत के अनुसार, कई बार उन्होंने अपनी निजी उपलब्धियों और व्यक्तिगत लक्ष्यों को पीछे रखा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा पहले रही।
कप्तानी के दौरान लिए कई कठिन फैसले
हरमनप्रीत कौर ने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई बार ऐसे फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर किसी ने नहीं समझा। उन्होंने बताया कि कुछ निर्णय आसान नहीं थे और कई बार उनका व्यक्तिगत नुकसान भी हुआ, लेकिन हर फैसला टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया गया।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य टीम को मजबूत बनाना और अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना था। वह खिलाड़ियों पर भरोसा जताना चाहती थीं ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
कप्तानी का अध्याय खत्म, लेकिन सफर जारी
हरमनप्रीत कौर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट भी साझा की। उन्होंने लिखा कि कप्तानी छोड़ते समय वह भावुक जरूर हैं, लेकिन मन से शांत महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई।
अपनी पोस्ट में हरमनप्रीत ने टीम की साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, बीसीसीआई और अपने परिवार का आभार जताया। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “कप्तानी का अध्याय खत्म, लेकिन सफर जारी है।”
