मुंबई: भारतीय मनोरंजन जगत की सबसे दमदार हस्तियों में से एक, एकता कपूर, 25 साल बाद अपने ऐतिहासिक शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को एक नए सीज़न के साथ वापस ला रही हैं। इस घोषणा ने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। एकता ने खुद बताया है कि इतने सालों बाद इस शो को फिर से लाने के पीछे उनकी क्या सोच है – ताकि नई पीढ़ी भी उसी जादू से जुड़ सके और उन महत्वपूर्ण मुद्दों पर फिर से चर्चा हो सके जो कभी इस शो ने उठाए थे।
एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर “Why Kyunki, Why Now?” यानी “क्यों ‘क्योंकि’ अब?” का जवाब देते हुए अपनी शुरुआती हिचकिचाहट साझा की। उन्होंने कहा, “जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के 25 साल पूरे होने वाले थे और इसे फिर से लॉन्च करने का आइडिया सामने आया, तो मेरा पहला रिएक्शन था, नहीं! मैं उस नॉस्टेल्जिया (पुरानी यादों) को क्यों छेड़ूंगी? आप कभी भी नॉस्टेल्जिया से मुकाबला नहीं कर सकते। वो हमेशा सबसे ऊपर रहता है।”
उन्होंने यह भी माना कि टेलीविजन की दुनिया बहुत बदल चुकी है और उन्हें डर था कि क्या यह नए ‘क्योंकि’ की विरासत को हिला देगा, खासकर उस ऐतिहासिक TRP को जो न पहले किसी शो को मिली थी, न बाद में।
एकता कपूर ने आगे बताया कि ‘क्योंकि’ की असली विरासत सिर्फ हाई TRP नहीं थी। एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा की गई रिसर्च में यह सामने आया था कि इस शो ने भारतीय घरों की महिलाओं को आवाज़ दी। साल 2000 से 2005 के बीच पहली बार ऐसा हुआ कि महिलाएं परिवार की बातचीत का हिस्सा बनने लगीं और इसका बड़ा असर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कहानी घर घर की’ जैसे शोज़ की वजह से हुआ।
एकता ने कहा, “‘क्योंकि’ एक ग्लोबल एम्बेसडर बन गया, जिसने भारत की कहानी कहने की परंपरा को पूरी दुनिया तक पहुंचाया। ये सिर्फ एक डेली सोप नहीं था बल्कि इसने घरेलू शोषण, वैवाहिक शोषण, उम्र को लेकर ताने, और इच्छामृत्यु जैसे मुद्दों को भारतीय घरों के डाइनिंग टेबल तक लाकर चर्चा का विषय बना दिया। यही थी उस कहानी की असली विरासत।”
एकता कपूर ने साझा किया कि शो का अचानक खत्म हो जाना उनके ज़ेहन में हमेशा बना रहा, जैसे कुछ अधूरा रह गया हो। उन्होंने सोचा, “क्या हम ‘क्योंकि’ को आज की स्टोरीटेलिंग से दूर रख सकते हैं और एक बार फिर उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिन्हें कभी टीवी ने साहस के साथ उठाया था? क्या हम इसे फिर से टीआरपी की दौड़ से अलग रखकर सिर्फ असरदार कहानियों पर आधारित बना सकते हैं? क्या हम एक बार फिर उस शक्ति को वापस ला सकते हैं जो लाखों लोगों तक पहुंच कर सोच और नजरिया बदल सकती है?”
उन्होंने सवाल उठाए कि क्या वे पैरेंटिंग पर, परवाह और कंट्रोल के बीच संतुलन पर, और उन मुद्दों पर बात कर सकते हैं जिनसे हम आज भी कतराते हैं। उन्होंने पूछा, “क्या हम भारत के सबसे पसंदीदा और सबसे गहरे जुड़ाव वाले प्लेटफॉर्म, टेलीविज़न, का इस्तेमाल ऐसी कहानी कहने के लिए कर सकते हैं जो लोगों से जुड़े और शायद उतना ही सिखाए जितना मनोरंजन दे? क्या हम वो समय वापस ला सकते हैं जब पूरा परिवार डिनर टेबल पर बैठकर बातें किया करता था?”
एकता कपूर ने कहा कि जब उन्होंने खुद से ये सवाल किए, तो जवाब एक मुस्कान के साथ मिल गया। उन्होंने कहा, “मैंने कहा चलो करते हैं ये! एक ऐसा शो बनाते हैं जो जरूरी सवाल उठाने से डरे नहीं, जो बातचीत की शुरुआत करे, और जो आज के दिखावे से भरे दौर में अपनी एक अलग पहचान बनाए।”
‘क्योंकि’ लिमिटेड एपिसोड्स के साथ, 25 साल पूरे होने का जश्न मनाने, लोगों को सोचने पर मजबूर करने, मनोरंजन देने, और सबसे जरूरी – प्रेरणा देने के इरादे से लौट रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि यह शो उन लोगों को आवाज़ देता है, उस बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, उस इतिहास को सलाम करता है जो इसने रचा, और उस भविष्य को दर्शाता है जो यह शो हमारे लिए ला रहा है। उनका लक्ष्य “बिना किसी भाषणबाज़ी के, बस दिल से, जिससे हर कोई जुड़ सके, हर कोई खुद को उस कहानी में देख सके।”
एकता कपूर ने अंत में कहा, “हम कभी भी नॉस्टेल्जिया (पुरानी यादों) से नहीं जीत सकते, पर ये लड़ाई जीतने की नहीं, असर छोड़ने की है। उस शो के लिए जो सिर्फ हमारा नहीं, आपका भी है!” उन्होंने अपने कैप्शन में #KyunkiSaasBhiKabhiBahuThi का इस्तेमाल किया।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के अलावा, एकता कपूर एक और जबरदस्त लाइनअप के साथ तैयार हैं। वह पहली बार TVF के साथ मिलकर VvAN बना रही हैं, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया नजर आएंगे। इसके अलावा, वह एक बार फिर अक्षय कुमार और प्रियदर्शन के साथ मिलकर हॉरर-कॉमेडी भूत बंगला लेकर आ रही हैं। साथ ही, एकता अपना मलयालम डेब्यू भी कर रही हैं, जिसमें सुपरस्टार मोहनलाल लीड रोल में होंगे।
