Delhi Air Pollution: दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का खतरा फिर मंडराने लगा है। हर साल की तरह इस बार भी दिवाली से पहले राजधानी की हवा में जहर घुलने लगा है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 से ऊपर पहुंच गया है, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं। प्रदूषण स्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-1 पहले ही लागू किया जा चुका है। मौसम में दिन के समय गर्मी और सुबह-रात की ठंडक प्रदूषण को और बढ़ा रही है।
आनंद विहार में सबसे खराब हालात
राजधानी के आनंद विहार में आज (17 अक्टूबर) वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई। यहां AQI 369 तक पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। द्वारका में 319, वजीरपुर में 329, अक्षरधाम में 369, जहांगीरपुरी में 329, बवाना में 310, मुंडका में 285, और अलीपुर में 281 रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI के और बढ़ने की संभावना है।
NCR के शहरों में भी बुरे हाल
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। नोएडा के सेक्टर 125 में आज सुबह AQI 334 दर्ज हुआ, जबकि सेक्टर 62 में 214 रहा। गाजियाबाद के लोनी में 358, वसुंधरा में 285, और इंदिरापुरम में 276 दर्ज किया गया। गुरुग्राम के सेक्टर 51 में AQI 331 पहुंच गया है, जो प्रदूषण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
GRAP-1 लागू, सख्त कदम उठाने की तैयारी
दिल्ली-NCR में GRAP का स्टेज-1 लागू है, जो तब लागू होता है जब AQI 200 से ऊपर चला जाए। इसके तहत निर्माण कार्यों पर नियंत्रण, सड़क किनारे पानी का छिड़काव, और खुले में कूड़ा जलाने पर सख्ती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने एक विंटर एक्शन प्लान भी तैयार किया है, जिसमें वाहन प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और निर्माण स्थलों पर निगरानी जैसे उपाय शामिल हैं। सरकार दिवाली के बाद आर्टिफिशियल रेन (कृत्रिम वर्षा) की योजना भी लागू कर सकती है, ताकि प्रदूषण के स्तर को घटाया जा सके।
मौसम का हाल
दिल्ली के तापमान में भी गिरावट आई है। गुरुवार रात पारा गिरकर 18.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 और 18 अक्टूबर को सुबह हल्की धुंध बनी रह सकती है, और 19 से 21 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
