उत्तरकाशी: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी देखने को मिली है, जिससे मंदिर परिसर में दर्शन के लिए पहुंचे तीर्थयात्रियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। बर्फबारी और तापमान में आई अचानक गिरावट के बीच केदारनाथ धाम में भी हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम के इस बदलते मिजाज के साथ ही वार्षिक चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। बर्फबारी का यह खूबसूरत नजारा देखकर श्रद्धालु बेहद रोमांचित नजर आए, और कई यात्रियों ने पहली बार इतने करीब से बर्फ गिरते देखकर इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद किया।
यमुनोत्री में बारिश और केदारनाथ में लगातार हो रही बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। श्री केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिर समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य विनीत पोस्ती ने यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों से अपनी जरूरी दवाइयां साथ रखने और ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं को मौसम की परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए सतर्कतापूर्वक यात्रा करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। चारधाम यात्रा के अंतिम दौर में यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। अकेले शनिवार के दिन 6,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए। यमुनोत्री मंदिर समिति के अनुसार, यमुनोत्री धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को भाई दूज के पावन अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद सर्दियों में श्रद्धालु खरसाली स्थित यमुना मंदिर में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।
