Skand Shashthi 2026: कब है चैत्र स्कंद षष्ठी व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

Skand Shashthi Vrat 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है और इस दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

Skanda Sashti 2026 (Image: ChatGPT)
Skanda Sashti 2026 (Image: ChatGPT)

Skand Shashthi 2026: हिन्दू धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखे जाने वाले इस व्रत का चैत्र मास में विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय की उपासना करते हैं, उनके जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति और बच्चों की उन्नति के लिए यह व्रत अचूक माना जाता है।

कब है स्कंद षष्ठी व्रत?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 23 मार्च 2026 को शाम 6 बजकर 38 मिनट पर हो रहा है। इस तिथि का समापन अगले दिन 24 मार्च 2026 को शाम 4 बजकर 7 मिनट पर होगा। हिन्दू धर्म में उदया तिथि की प्रधानता को देखते हुए स्कंद षष्ठी का व्रत मंगलवार, 24 मार्च 2026 को रखा जाएगा। इसी दिन श्रद्धालु भगवान कार्तिकेय का पूजन कर अपना उपवास पूर्ण करेंगे।

24 मार्च के विशिष्ट मुहूर्त

पूजा-अर्चना के लिए 24 मार्च को कई शुभ योग बन रहे हैं। दोपहर में अभिजित मुहूर्त 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जिसे किसी भी मांगलिक कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, विजय प्राप्ति के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक प्रभावी होगा। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, अमृत काल का विशेष समय शाम 4 बजकर 6 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक निर्धारित है, जिसमें की गई पूजा विशेष फलदायी होती है।

व्रत का धार्मिक महत्व

स्कंद षष्ठी का व्रत न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यह भौतिक बाधाओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। धार्मिक जानकारों के अनुसार, भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति कहा गया है, इसलिए उनकी पूजा से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, विशेषकर रक्त या त्वचा से जुड़ी बीमारियों से मुक्ति के लिए भी भक्त इस दिन विशेष अनुष्ठान करते हैं। माना जाता है कि इस दिन स्कंद षष्ठी का पाठ करने से परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale