Vaishakh Masik Krishna Janmashtami 2026: 9 या 10 अप्रैल में कब है मासिक जन्माष्टमी? नोट करें सही डेट और पूजा का समय

Vaishakh Masik Krishna Janmashtami 2026: हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को हर महीने ‘मासिक कृष्ण जन्माष्टमी’ के रूप में मनाया जाता है। वैशाख मास की शुरुआत के साथ ही भक्तों के लिए यह पावन अवसर फिर से आ रहा है।

वैशाख मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 (Image: ChatGPT)
वैशाख मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 (Image: ChatGPT)

Masik Krishna Janmashtami 2026: हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को हर महीने ‘मासिक कृष्ण जन्माष्टमी’ के रूप में मनाया जाता है। वैशाख मास की शुरुआत के साथ ही भक्तों के लिए यह पावन अवसर फिर से आ रहा है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ने वाला यह व्रत न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, अप्रैल 2026 में वैशाख मास की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि 9 अप्रैल की रात से शुरू हो रही है। अष्टमी तिथि का प्रारंभ 9 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगा और इसका समापन 10 अप्रैल 2026 को रात 11 बजकर 15 मिनट पर होगा।

उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, मुख्य रूप से पूजा और व्रत 10 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए सबसे उत्तम यानी शुभ मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान की गई पूजा, आरती और मंत्र जाप को विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

संतान सुख और समृद्धि के लिए महत्व

यूं तो भगवान श्रीकृष्ण का मुख्य जन्मोत्सव भाद्रपद मास की कृष्ण अष्टमी (गोकुलाष्टमी) को मनाया जाता है, लेकिन उनके प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्त हर महीने इस तिथि पर उपवास रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक जन्माष्टमी का व्रत करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। विशेष रूप से जो लोग संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनके लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना गया है। कृष्ण भक्ति से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

इन प्रभावशाली मंत्रों से करें कान्हा को प्रसन्न

मासिक जन्माष्टमी पर पूजा के दौरान श्रीकृष्ण के इन मंत्रों का जाप करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है:

  • ॐ कृष्णाय नमः (सरल और प्रभावी मंत्र)
  • हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे (महामंत्र)
  • ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः (शरणागति मंत्र)
  • ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात (कृष्ण गायत्री मंत्र)

भक्ति और धर्म का मार्ग

भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा और धर्म का प्रतीक माना जाता है। उनका जीवन दर्शन हमें कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मासिक जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का अभिषेक कर उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाने से भक्तों के मन को असीम शांति मिलती है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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