Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ज्येष्ठ महीने के दौरान आने वाले बड़ा मंगल का दिन अत्यंत पवित्र और विशेष फलदायी माना जाता है। इस वर्ष का चौथा बड़ा मंगल 26 मई 2026 को पड़ रहा है, जो अपने आप में एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इस दिन की महत्ता इसलिए कई गुना बढ़ गई है क्योंकि इसी दिन एकादशी तिथि का भी पावन मेल हो रहा है। सनातन परंपरा में संकटमोचन हनुमान जी की असीम भक्ति और भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत का यह अद्भुत संगम जीवन में सुख, समृद्धि, विशेष सौभाग्य और श्रीहरि की असीम कृपा बरसाने वाला माना जा रहा है।
अद्भुत संयोग, विशेष शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
26 मई 2026 को चौथे बड़ा मंगल के अवसर पर बजरंगबली की आराधना के लिए ज्योतिषविदों ने एक बेहद खास समय बताया है। इस दिन हनुमान जी की पूजा का सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त सुबह 8:52 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:02 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस विशेष समयावधि में की गई पूजा, व्रत और श्रद्धाभाव का फल साधक को शीघ्र प्राप्त होता है। इस बार का यह बड़ा मंगल सिद्धि योग और रवि योग के महासंयोग में आ रहा है। शास्त्रों के अनुसार, सिद्धि योग के दौरान शुरू किए गए सभी मांगलिक कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं और जातक की सभी मनोकामनाएं बहुत जल्दी सिद्ध हो जाती हैं।
मांगलिक दोष से मुक्ति और विवाह की बाधाएं होंगी दूर
कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति और मांगलिक दोष के कारण जिन युवाओं के विवाह में लगातार अड़चनें आ रही हैं या बातचीत बनते-बनते बिगड़ जाती है, उनके लिए यह बड़ा मंगल एक अचूक अवसर है। इस दिन मंगल ग्रह की शांति और हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए लाल मसूर की दाल, लाल रंग के वस्त्र या लाल ताजे फलों का दान करना बेहद कल्याणकारी माना गया है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति इस शुभ दिन पर किसी निर्धन कन्या के विवाह में अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक या अन्य रूप से मदद करता है, तो उसका मंगल ग्रह बेहद मजबूत होता है और वैवाहिक जीवन की तमाम परेशानियां हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं।
संकटों के नाश के लिए हनुमान जी की विशेष पूजा विधि
यदि आप किन्हीं कारणों से ज्येष्ठ महीने के शुरुआती बड़े मंगल के दिनों में हनुमान जी की सेवा या व्रत नहीं कर पाए हैं, तो एकादशी और बड़ा मंगल के इस महासंयोग को हाथ से न जाने दें। इस दिन बाबा बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए उन्हें गुड़ और भुने हुए चने का भोग अर्पित करें और शांत मन से बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। यह सरल सा उपाय जीवन में चल रही बड़ी से बड़ी मानसिक, शारीरिक या आर्थिक परेशानियों का तुरंत अंत कर देता है। इसके अतिरिक्त, इस बुढ़वा मंगल के दिन सूर्यास्त के बाद हनुमान जी के मंदिर में या घर के मुख्य कोने में सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष समाप्त होता है और शनि देव के विपरीत प्रभावों से भी मुक्ति मिलती है।
समग्र रूप से देखें तो 26 मई 2026 को आने वाला यह चौथा बड़ा मंगल न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अमूल्य है, बल्कि यह इंसानी जीवन में तरक्की, सफलता और समस्त कष्टों से मुक्ति पाने का एक महामार्ग भी है। इस दिन पूरे नियम-संयम और पूर्ण भक्ति के साथ की गई बाबा की पूजा हर मनुष्य को मानसिक शांति के साथ-साथ सांसारिक वैभव भी प्रदान करती है।
