उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत किलोमीटर संख्या 262 पर यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में कुल 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि 12 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
यह निजी बस करीब 30 यात्रियों को लेकर दिल्ली से बिहार की तरफ जा रही थी। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही यूपीडा (UPEIDA) और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि कुछ का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
हादसे के चश्मदीदों के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे पर बस की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान अचानक बस चला रहे ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, जिसके कारण उसका गाड़ी से नियंत्रण पूरी तरह खो गया। अनियंत्रित होकर बस सीधे डिवाइडर से टकराई और पलटते हुए एक्सप्रेस-वे की रेलिंग पर जाकर लटक गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के अंदर बैठे कई यात्री खिड़कियों के रास्ते सीधे एक्सप्रेस-वे से नीचे जा गिरे, जिससे उन्हें बेहद गंभीर चोटें आईं।
मृतकों में बिहार पुलिस के दारोगा और कैदी शामिल
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि जान गंवाने वालों में बिहार पुलिस के एक दारोगा और एक कैदी भी शामिल हैं। मृतक दारोगा रामचंद्र बिहार के सिवान जिले से एक कैदी छत्रपाल तोमर को लेकर कानूनी कार्रवाई के सिलसिले में दिल्ली गए थे और वहीं से वापस लौट रहे थे। पुलिस द्वारा पहचान किए गए मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
बिहार पुलिस के दारोगा रविचरन (जनपद सीवान, बिहार)। हरियाणा के रहने वाले बंदी/कैदी छत्रपाल तोमर, पुत्र फेरे लाला। सुरेश कुमार जायसवाल, पुत्र राम आधार जायसवाल (निवासी मुंडेरा बाजार, थाना चौरीचौरा, गोरखपुर)। विदेशी गुप्ता, पुत्र मिश्री गुप्ता (निवासी मदपुर, थाना पिपराइच, गोरखपुर)। विजय कुमार, पुत्र रामजीत (निवासी फारेसन गोविंदपुर, थाना कप्तानगंज, बस्ती)। छठवें मृतक व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, वे अज्ञात हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
उन्नाव में हुए इस भीषण सड़क हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में हुई मौतों पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत व बचाव कार्य को और तेज करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सभी घायलों को अस्पताल में उचित और त्वरित इलाज मिले। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने के निर्देश भी प्रशासन को जारी किए हैं।
घायलों का विवरण
हादसे में घायल हुए यात्रियों को इलाज के लिए तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से गंभीर रूप से घायलों को लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है। प्रशासन की ओर से सामने आए घायलों के नाम इस प्रकार हैं:
बिहार के वजीरगंज निवासी मोहम्मद वसीम, देवरिया सदर निवासी गोलू, जहानाबाद (बिहार) के ग्राम बरमघोषी निवासी रोहन, गोरखपुर के बिस्तौली निवासी विनय, महाराजगंज के टिकरा सौहात निवासी धीरज, गोरखपुर के कुशमाल बेनीपास निवासी अरुण कुमार और गोरखपुर के बरपार खदनी निवासी सुरेंद्र कुमार गुप्ता।
इनके अलावा बिहार के शिकारपुर निवासी फरमान अंसारी और शाहिद अख्तर, औरैया निवासी अमरदीप सिंह, बस्ती के लौकियांवा निवासी सोम अली, दिल्ली के नजफगढ़ निवासी धनंजय, बस्ती के ककरिया निवासी विष्णु कुमार, गोरखपुर के खड़खड़िया निवासी अरविंद और राहुल, कुशीनगर निवासी गणेश दीक्षित, बस्ती के कप्तानगंज निवासी आर्यन गुप्ता, गोरखपुर सदर निवासी लारेब आलम, गोरखपुर के मुस्का पिपरी निवासी परमजीत सिंह, श्वेता यादव, बिंद्रावती तथा एक अन्य अज्ञात यात्री शामिल हैं।
