पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमाते हुए, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार दोपहर भारी गहमागहमी के बीच एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने बांग्लादेश की सीमा से सटे मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे हुए इस शिलान्यास कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय की भारी भीड़ जुटी, जो सुबह से ही समारोह स्थल पर मौजूद थी। इस दौरान समारोह स्थल पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति भी मच गई। देश-विदेश से भी इस्लामी धर्मगुरु इस आयोजन का हिस्सा बने। जिले के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह से ही अपने साथ ईंटें लेकर वहां पहुंचे थे। कबीर ने दावा किया कि बेलडांगा के मोरादिघी इलाके में 25 बीघा भूमि पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में तीन लाख से अधिक लोग शामिल हुए हैं। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था।
बीजेपी ने राम मंदिर शिला पूजा से दिया जवाब
हुमायूं कबीर के इस शिलान्यास के जवाब में मुर्शिदाबाद जिले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। बाबरी मस्जिद के जवाब में जिले के बहरमपुर में भाजपा नेता शाखारभ सरकार द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह आयोजन बहरमपुर के मनींद्र नगर क्षेत्र में पूर्वाशा क्लब के मैदान में हुआ।
इधर, कार्यक्रम मंच से विधायक हुमायूं कबीर ने फिर हुंकार भरते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनकर रहेगा और इसे कोई ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने साथ ही कहा कि बाबरी मस्जिद के लिए रुपयों की कोई कमी नहीं होगी और पूरे बंगाल व देशभर से मुस्लिम समुदाय के लोग इसमें आर्थिक सहयोग करेंगे। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर रहा है।
