रायबरेली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। महंगाई, बेरोजगारी और संविधान की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखे आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में महंगाई और गंभीर रूप ले सकती है।
रायबरेली के बछरावां विधानसभा क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा गांव में सांसद निधि से बने बारातघर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल सहित रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक लगातार आर्थिक दबाव झेल रहा है, लेकिन केंद्र सरकार जनता की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि देश के सामने आने वाले समय में और बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा, “देश में एक बड़ा आर्थिक तूफान आया है। आने वाले तीन-चार महीनों में आप ऐसी महंगाई देखेंगे जो पहले कभी नहीं देखी होगी। आप खुद देखना कि गैस, धान और तेल के दाम कहां पहुंचते हैं।”
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 20, 2026
कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल नारेबाजी से देश की समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला। उन्होंने संविधान की रक्षा को सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और इनका पूरा संगठन गद्दार है। इन लोगों ने देश के संविधान को बेचने का काम किया है। मोदी, अमित शाह और आरएसएस ने मिलकर संविधान के सारे नियम-कानून खत्म कर दिए हैं।”
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देश की आर्थिक व्यवस्था को बड़े उद्योगपतियों और विदेशी ताकतों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के आर्थिक ढांचे और सिस्टम को उद्योगपतियों और अमेरिका के हाथों सौंप दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री लोगों से विदेश न जाने और सोना न खरीदने की बात कर रहे हैं।
रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
