राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को पीएम मोदी की बधाई, राष्ट्र निर्माण में और योगदान देने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों की चर्चा करते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गेमिंग बुरा नहीं है, लेकिन जुए जैसी प्रवृत्तियों से बचाना बेहद जरूरी है।

PM Modi Lauds National Teacher Awardees, Calls for Continued Efforts in Nation's Progress
PM Modi Lauds National Teacher Awardees, Calls for Continued Efforts in Nation's Progress

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे समाज में शिक्षक के प्रति स्वाभाविक सम्मान होता है और वह समाज की बहुत बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने वाले शिल्पकार हैं, जो देश की भावी पीढ़ी को दिशा देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक का योगदान किसी भी देश सेवा से कम नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत में गुरु-शिष्य परंपरा हमेशा से राष्ट्र की ताकत रही है। “मां जन्म देती है, गुरु जीवन देता है,” कहते हुए प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल में लागू किए गए जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब टैक्स व्यवस्था सरल हो गई है और इससे सामान्य परिवारों से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक को लाभ होगा। उन्होंने इसे GST 2.0 बताया और कहा कि यह “सपोर्ट और ग्रोथ की डबल डोज़” है, जिससे आम लोगों का खर्च कम होगा और उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के मन में आत्मनिर्भर भारत का बीज बोएं और उन्हें स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने और “वोकल फॉर लोकल” का मंत्र अपनाने से देश की आर्थिक ताकत बढ़ेगी।

उन्होंने छात्रों में इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए अटल इनोवेशन मिशन और टिंकरिंग लैब्स जैसी पहलों का उल्लेख किया और कहा कि चंद्रयान जैसी सफलताओं ने बच्चों में विज्ञान और तकनीक के प्रति नई रुचि जगाई है।

प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों की चर्चा करते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गेमिंग बुरा नहीं है, लेकिन जुए जैसी प्रवृत्तियों से बचाना बेहद जरूरी है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को “होमवर्क” देते हुए कहा कि वे छात्रों और समाज में स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के विचार को एक अभियान की तरह चलाएं। उन्होंने जोर दिया कि मेड इन इंडिया पर गर्व करना और उसे अपनाना हर भारतीय का दायित्व होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को बधाई दी और उन्हें राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में और अधिक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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