केरल में दस साल के लंबे इंतजार के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में भव्य वापसी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पिछले पांच वर्षों से विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे वी.डी. सतीशन ने सोमवार, 18 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में यूडीएफ के पूर्ण मंत्रिमंडल ने भी एक साथ शपथ ली। पिछले 60 वर्षों में यह पहली बार हुआ है जब केरल में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली हो। मुख्यमंत्री सतीशन के इस 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस के 11 और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 5 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जबकि बाकी सीटें अन्य सहयोगी दलों को दी गई हैं। नई कैबिनेट की खास बात यह है कि इसमें दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के दो प्रतिनिधियों को जगह मिली है, साथ ही 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं।
इस कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समारोह के दौरान सेंट्रल स्टेडियम में कांग्रेस आलाकमान का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सतीशन के मुख्यमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी और केंद्र की ओर से केरल के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा जताया।
मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में कांग्रेस कोटे से वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, सन्नी जोसेफ, के. मुरलीधरन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, टी. सिद्दीकी, बिंदु कृष्णा, के.ए. तुलसी, रोजी एम. जॉन, एम. लिजू और ओ.जे. जनीश शामिल हैं। वहीं आईयूएमएल (IUML) की तरफ से पी.के. कुन्हालीकुट्टी, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली। अन्य सहयोगियों में केरल कांग्रेस (जोसेफ) के मॉन्स जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस (जैकब) के अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी के सी.पी. जॉन को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। मंत्रियों के विभागों का बंटवारा शपथ ग्रहण के बाद आधिकारिक गजट के माध्यम से किया जाएगा।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में यूडीएफ को जनता का स्पष्ट और ऐतिहासिक जनादेश मिला है। इस चुनाव में गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की, जबकि निवर्तमान एलडीएफ (LDF) गठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया और भाजपा को 3 सीटें मिलीं। यूडीएफ के पक्ष में इस बार 46.55 प्रतिशत वोट पड़े, जो कि साल 2021 के मुकाबले 7.67 फीसदी अधिक है। वोटों के इसी भारी उछाल की बदौलत गठबंधन अपनी सीटों की संख्या में 62 सीटों का बड़ा इजाफा करने में सफल रहा, जिसने केरल की राजनीति में पिछले एक दशक से जारी एलडीएफ के दबदबे को समाप्त कर दिया है।
