दतिया (मध्य प्रदेश) विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने विपक्षी दलों के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को करीब 6,000 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को खुलकर श्रेय दिया और कहा कि उनके सहयोग ने चुनावी मुकाबले में अहम भूमिका निभाई।
जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया का इलाका झांसी से सटा होने के कारण समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पूरा साथ दिया। उन्होंने बताया कि संसद सत्र में व्यस्त रहने के बावजूद अखिलेश यादव लगातार फोन पर संपर्क में रहे, कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पटवारी के मुताबिक, इस समर्थन का असर यादव मतदाताओं पर भी पड़ा और चुनावी समीकरण कांग्रेस के पक्ष में मजबूत हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है। उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे और नेताओं के बयानों को लेकर रिश्तों में खटास आ गई थी। हालांकि दतिया उपचुनाव ने संकेत दिया है कि दोनों दल अब स्थानीय स्तर पर तालमेल बढ़ाकर विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
दतिया के साथ-साथ बिहार की बाकीपुर विधानसभा सीट के नतीजों ने भी विपक्षी रणनीति को नई दिशा दी है। दोनों उपचुनावों के परिणामों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्षी दल भविष्य के चुनावों में साझा रणनीति के साथ मैदान में उतर सकते हैं।
दतिया सीट पर कांग्रेस की जीत के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि वह अखिलेश यादव का विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहते हैं। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी के समर्थन और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका ने कांग्रेस को बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कांग्रेस अब इस जीत को विपक्षी एकजुटता के सकारात्मक संकेत के रूप में देख रही है।
