UNHRC में भारत की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: अकेले जम्मू-कश्मीर का बजट पाकिस्तान के IMF पैकेज से दोगुना”

25 फरवरी को जेनेवा में आयोजित हाई-लेवल सेगमेंट के दौरान भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा लगाए गए आरोपों को न केवल खारिज किया, बल्कि पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति और लोकतांत्रिक ढांचे पर भी तीखा प्रहार किया।

At UNHRC, India Hits Back: J&K Budget Said to Be Double Pakistan’s IMF Bailout
At UNHRC, India Hits Back: J&K Budget Said to Be Double Pakistan’s IMF Bailout

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा पलटवार करते हुए उसके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 25 फरवरी को हाई-लेवल सेगमेंट के दौरान भारत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बयानों को झूठा और भ्रामक करार दिया।

भारत की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान लगातार दुष्प्रचार फैला रहा है और उसकी टिप्पणियों में हताशा और ईर्ष्या झलकती है। अनुपमा सिंह ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अंतिम था, जो भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप हुआ।

भारत ने पाकिस्तान से उन क्षेत्रों को खाली करने की मांग भी दोहराई, जो उसके अवैध कब्जे में बताए जाते हैं। साथ ही OIC पर एक सदस्य देश का ‘इको चैंबर’ बनने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि बहुपक्षीय मंचों का उपयोग राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए नहीं होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए अनुपमा सिंह ने Chenab Rail Bridge का जिक्र किया, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बताया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की परियोजनाओं को भी ‘फेक’ कहा जाता है, तो यह वास्तविकता से आंख मूंदने जैसा है। इस पुल का उद्घाटन 6 जून 2025 को Narendra Modi ने किया था। यह पुल चिनाब नदी पर 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है और कश्मीर को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम कड़ी माना जा रहा है।

भारत ने यह भी दावा किया कि जम्मू-कश्मीर का हालिया विकास बजट पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मांगे गए बेलआउट पैकेज से अधिक है, जो क्षेत्र में तेज विकास की ओर संकेत करता है।

लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर पाकिस्तान की टिप्पणियों का जवाब देते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसे देश से लोकतंत्र पर उपदेश सुनना विडंबनापूर्ण है, जहां निर्वाचित सरकारें अक्सर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल के चुनावों में भारी मतदान हुआ, जो दर्शाता है कि लोग शांति और विकास के मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अंत में भारत ने पाकिस्तान पर राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उसे अपने आंतरिक संकटों पर ध्यान देने की सलाह दी। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रगति कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से वास्तविक स्थिति नहीं बदलेगी।

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