गुवाहाटी: असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले राज्य की सियासत में ‘पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति’ को लेकर बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का ऐलान किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन अलग-अलग देशों (यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र) के पासपोर्ट हैं और दुबई में बेनामी संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री का पलटवार: “जेल जाएंगे पवन खेड़ा”
इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और ‘डिजिटल हेरफेर’ बताते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे दस्तावेजों में कई तकनीकी खामियां हैं, जो साफ दर्शाती हैं कि इन्हें फोटोशॉप या एआई (AI) की मदद से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि असम पुलिस ने कूटनीतिक माध्यमों से पुष्टि की है कि यूएई का कथित पासपोर्ट पूरी तरह फर्जी है।
सरमा ने दस्तावेजों की गलतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनमें देश के कोड से लेकर एक्सपायरी डेट और स्पेलिंग तक की बुनियादी गलतियां हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज फैलाने के आरोप में पवन खेड़ा का जेल जाना तय है। सत्य की जीत होगी और गलत जानकारी फैलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
रिनिकी भुइयां सरमा ने बताया ‘घटिया एडिटिंग’
मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने भी इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘हास्यास्पद’ करार देते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता से उम्मीद की जाती है कि वे काल्पनिक दस्तावेजों के बजाय तथ्यों पर बात करें। रिनिकी ने कहा, “आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, बल्कि फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई। इस मामले में आपराधिक केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अब अदालत में ही फैसला होगा।”
विपक्ष ने तेज की घेराबंदी: उम्मीदवारी रद्द करने की मांग
दूसरी तरफ, असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि एक से ज्यादा पासपोर्ट रखना और संपत्ति छुपाना कानूनी अपराध है। गोगोई ने मांग की है कि चुनाव आयोग को तुरंत हिमंत बिस्वा सरमा की उम्मीदवारी रद्द करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की अपील की है और आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने असम से विदेशों में भारी मात्रा में पैसा भेजा है।
चुनाव से ऐन पहले लगे इन आरोपों और कानूनी कार्रवाई की चेतावनियों ने असम के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद कानूनी मोड़ लेने के बाद क्या रुख अख्तियार करता है।
