अगर आप टाटा मोटर्स की नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास केवल मार्च के अंत तक का समय है। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2026 से अपने सभी पैसेंजर वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है। कंपनी के इस फैसले का सीधा असर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (ICE) संचालित कारों पर पड़ेगा। कंपनी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे लगातार बढ़ती ‘इनपुट कॉस्ट’ यानी निर्माण लागत को मुख्य कारण बताया है।
टाटा मोटर्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी की कारों की कीमतों में औसतन 0.5 प्रतिशत का इजाफा किया जाएगा। यह बढ़ोतरी सभी मॉडल्स और उनके विभिन्न वेरिएंट्स पर समान रूप से लागू होगी। इस वृद्धि के बाद ग्राहकों को मॉडल और वेरिएंट के आधार पर लगभग 2,285 रुपये से लेकर 13,000 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। वर्तमान में टाटा की सबसे सस्ती कार ‘टियागो’ (शुरुआती कीमत ₹4.57 लाख) और सबसे प्रीमियम एसयूवी ‘सफारी’ (शुरुआती कीमत ₹13.29 लाख) है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की कीमतों में भी कोई बदलाव होगा या नहीं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में कीमतों के बढ़ने का यह सिलसिला केवल टाटा मोटर्स तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज बेंज और बीएमडब्ल्यू (BMW) भी 1 अप्रैल से अपनी गाड़ियों के दाम 2 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान कर चुकी हैं। इन कंपनियों ने रुपये की गिरती स्थिति और वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही चुनौतियों को इस बढ़ोतरी का जिम्मेदार ठहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मारुति सुजुकी और हुंडई जैसे अन्य बड़े ब्रांड्स भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं।
वाहनों के साथ-साथ ईंधन के मोर्चे पर भी आम आदमी को झटका लगा है। तेल कंपनियों ने हाल ही में अपने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 2.09 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कार खरीदने और उसे चलाने, दोनों का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
