नई दिल्ली: देश के प्रमुख शहरों में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में प्रति लीटर 2.3 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे हाई-ऑक्टेन ईंधन का उपयोग करने वाले वाहन स्वामियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। यह वृद्धि विशेष रूप से इंडियन ऑयल के ‘XP95’ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ‘पावर’ जैसे प्रीमियम ईंधनों पर लागू हुई है। हालांकि, देश भर में रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
नई दरें 20 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई हैं, जिसके बाद कुछ आउटलेट्स पर इंडियन ऑयल के XP95 की कीमत लगभग 101.80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रीमियम वेरिएंट्स की कीमतों में भी विभिन्न पंपों पर इसी तरह का इजाफा देखा गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि कीमतों में यह वृद्धि केवल प्रीमियम श्रेणी तक ही सीमित है और यह कोई व्यापक बदलाव नहीं है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब पूरी तरह से तेल कंपनियों के नियंत्रण में हैं और यह बढ़ोतरी उनकी इनपुट लागत के आधार पर लिया गया एक व्यावसायिक निर्णय है।
प्रीमियम ईंधन की कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति में संभावित बाधाओं के डर के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार मजबूती से कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरने से भारत के लिए कच्चे तेल का आयात और भी महंगा हो गया है। इन परिस्थितियों ने तेल मार्केटिंग कंपनियों की लागत बढ़ा दी है, जिसके कारण उन्होंने रेगुलर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखते हुए केवल प्रीमियम वेरिएंट्स में चुनिंदा तौर पर दाम बढ़ाए हैं।
आम जनता पर इसके प्रभाव की बात करें तो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों में साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। चूंकि देश में कुल ईंधन खपत का एक बहुत छोटा हिस्सा ही प्रीमियम पेट्रोल के अंतर्गत आता है, इसलिए इस फैसले का व्यापक महंगाई पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। नीति-निर्माता वर्तमान में आम जनता के लिए ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के प्रति सतर्क हैं ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव न बढ़े।
