Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का नौवां और अपने व्यक्तिगत रूप से नौवां बजट पेश कर रही हैं। लोकसभा में बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और विकास की दिशा पर जोर दिया। सीतारमण ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सरकार का फोकस गरीबों और किसानों की समृद्धि पर रहा है। रोजगार सृजन, व्यापार सुधार और निवेश बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। उनका कहना था कि इन नीतियों का असर भारत की जीडीपी पर दिखाई दे रहा है, जो लगातार 7 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। उन्होंने घरेलू निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में भारत की पहुंच मजबूत करने की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कुल 10 बड़ी बातों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह “युवा शक्ति बजट” है, जिसमें किसान, गरीब और आम आदमी को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का ध्यान राजस्व घाटे को कम करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है। रोजगार सृजन और व्यापार सुधार इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
बजट में कई नए उपायों और योजनाओं का ऐलान किया गया है। इसके तहत EMS PLI (इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण प्रोत्साहन योजना) को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड भी आवंटित किया गया है। साथ ही, ISM 2.0 की शुरुआत की गई है, जो सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सीतारमण ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना करना और सभी वर्गों का समान विकास सुनिश्चित करना है। बजट में पब्लिक इन्वेस्टमेंट पर जोर दिया गया है, ताकि आर्थिक वृद्धि की स्थिर और मजबूत नींव तैयार हो सके।
